27 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन X, हैदराबाद, के अंतर्गत 8 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) द्वारा आज संचालित गहन जागरूकता अभियान के तहत प्रमुख डीएपी उपभोग करने वाले जिलों में कुल 3 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिनमें 89 किसानों को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 4 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 224 किसानों को लाभान्वित किया गया।
किसानों के बीच सतत पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए हरित खाद तथा जैव उर्वरकों पर प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। कुल मिलाकर, कृषि विज्ञान केन्द्रों में प्रत्यक्ष संपर्क एवं संवाद के माध्यम से 375 किसानों तक पहुंच बनाई गई।
अभियान के अंतर्गत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से व्यापक डिजिटल पहुंच भी प्राप्त की गई, जिससे 49,216 किसानों एवं हितधारकों तक संदेश पहुंचा। इस प्रकार कुल 49,591 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई। इस अभियान ने क्षेत्र में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, सतत कृषि पद्धतियों तथा किसान सहभागिता के प्रति प्रभावी जागरूकता उत्पन्न की।

27.05.2026 को भाकृअनुप–अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) द्वारा संचालित गहन जागरूकता अभियान के तहत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु तथा पुडुचेरी राज्यों में कुल 3 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 89 किसानों को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 4 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 224 किसानों को लाभान्वित किया गया, जबकि कृषि समुदायों के बीच उर्वरकों के संतुलित एवं सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए हरित खाद और जैव उर्वरकों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए।
अभियान में किसानों एवं हितधारकों की सहभागिता के साथ संवाद बैठकों तथा जनसंपर्क गतिविधियों को भी शामिल किया गया। कुल मिलाकर, 693 किसानों तक प्रत्यक्ष भौतिक संपर्क के माध्यम से पहुंच बनाई गई, जिनमें 63 किसान ऐसे थे जिन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों का भ्रमण किया तथा वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।
इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से व्यापक डिजिटल पहुंच प्राप्त की गई, जिससे 49,877 किसानों एवं हितधारकों तक संदेश पहुंचा। इस प्रकार कुल 50,284 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई। इस अभियान ने पूरे क्षेत्र में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों के प्रति प्रभावी जागरूकता उत्पन्न की।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)







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