14 जनवरी, 2026, नई दिल्ली
भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईएआरआई), नई दिल्ली, ने ‘ऋतुराज’ गर्ल्स हॉस्टल तथा ‘कृशिक्षा’ प्रशासनिक खंड के शिलान्यास समारोह के साथ कृषि शिक्षा एवं छात्र इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।

यह कार्यक्रम, श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, डॉ. एम.एल. जाट, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप) तथा, डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान) भाकृअनुप, डॉ. जे.के. जेना, उप-महानिदेशक (शिक्षा) भाकृअनुप, और डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव निदेशक एवं कुलपति, भाकृअनुप-आईएआरआई, के साथ-साथ वरिष्ठ वैज्ञानिकों, फैकल्टी सदस्यों, छात्रों और सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक आधुनिक, जलवायु-अनुकूल और किसान-केन्द्रित कृषि क्षेत्र के निर्माण के लिए कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं मानव संसाधन विकास को मजबूत करने के लिए भारत सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अगली पीढ़ी के कृषि वैज्ञानिकों और नेताओं को तैयार करने के लिए इस तरह के उच्च-गुणवत्ता वाले शैक्षणिक तथा आवासीय इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश आवश्यक है। उन्होंने युवा छात्रों से कृषि शिक्षा पाठ्यक्रम को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सुझावों के साथ आगे आने का आह्वान किया।

डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि ऋतुराज हॉस्टल और एकेडमिक ब्लॉक मिलकर एक समग्र सीखने के साथ-साथ अनुसंधान का माहौल बनाएंगे, जो छात्रों एवं फैकल्टी को भारत के भविष्य के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि विज्ञान प्रदान करने के लिए भी सशक्त बनाएगा।
डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, आईएआरआई, ने बताया कि लगभग ₹45 करोड़ की लागत से बनने वाला ऋतुराज हॉस्टल 350 छात्राओं के लिए आधुनिक, सुरक्षित और समावेशी आवासीय सुविधाएं प्रदान करेगा, जिसमें स्टडी रूम, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, खेल और मनोरंजन क्षेत्र के साथ एक सहायक शैक्षणिक माहौल शामिल है। यह हॉस्टल उच्च शिक्षा एवं कृषि विज्ञान में नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। लगभग ₹60 करोड़ की लागत से बना प्रशासनिक खंड (कृशिक्षा) में विश्व स्तरीय कॉन्फ्रेंस हॉल, कमेटी रूम, स्मार्ट क्लासरूम, फैकल्टी ऑफिस और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जो संस्थान के शैक्षणिक तथा अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को काफी बेहतर बनाएगा साथ ही आईएआरआई को कृषि शिक्षा एवं नवाचार में वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र के तौर पर स्थापित करेगा।

यह कार्यक्रम भाकृअनुप-आईएआरआई की शिक्षा, अनुसंधान एवं मानव संसाधन विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की मजबूती से पुष्टि के साथ समाप्त हुआ, जो भारत के खाद्य सुरक्षा, जलवायु लचीलापन और स्थायी कृषि विकास के लक्ष्यों का समर्थन करता है।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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