17 अप्रैल, 2026, नई दिल्ली
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद मुख्यालय ने साधना सप्ताह 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मंत्रालय/विभाग/केन्द्र (10,000–50,000 कर्मचारी) श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह कार्यक्रम 2 से 10 अप्रैल, 2026 तक भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आयोजित किया गया था।
यह सम्मान आज आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन कर्मयोगी भारत ने, मिशन कर्मयोगी तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के अंतर्गत किया।

यह उपलब्धि डॉ. एम.एल. जाट के नेतृत्व में प्राप्त हुई। इस अवसर पर डॉ. शांति कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल लाल एवं आईजीओटी (iGOT) के नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहे।
डॉ. जाट ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि पर भाकृअनुप के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह संगठन की मानव संसाधन क्षमताओं को सुदृढ़ करने, सतत सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा संस्थागत लक्ष्यों को सुशासन की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा तंत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन प्रबंधन को आगे बढ़ाने में भाकृअनुप की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करती है।
डॉ. शर्मा तथा भाकृअनुप मुख्यालय के iGOT नोडल अधिकारी ने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान निरंतर प्रेरणा, रणनीतिक योजना, सरल शिक्षण नीतियों और डॉ. जाट की निकट निगरानी के कारण संभव हुआ। इस पहल को नियमित परिपत्रों, राष्ट्रीय स्तर के वेबिनारों और सभी आईसीएआर संस्थानों की समीक्षा बैठकों के माध्यम से व्यवस्थित रूप से लागू किया गया। एचआरएम इकाई, भाकृअनुप-एनएएआरएम, क्षमता निर्माण इकाई तथा विभिन्न संस्थानों के एचआरडी नोडल अधिकारियों एवं iGOT गतिविधियों से जुड़े एमडीओ के सहयोग से इस अभियान का सफल समन्वय किया गया, जिससे पूरे संगठन में समान भागीदारी, रियल-टाइम निगरानी और निरंतर प्रेरणा सुनिश्चित हुई।

देशव्यापी इस पहल में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की व्यापक भागीदारी रही, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षमता निर्माण, सतत अधिगम और भविष्य उन्मुख शासन व्यवस्था को बढ़ावा देना था। आईसीएआर की उच्च रैंकिंग व्यापक कोर्स पूर्णता, निर्धारित शिक्षण घंटों से अधिक उपलब्धि, कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी तथा दक्ष (दक्ष) योग्यताएँ जैसे उन्नत एआई आधारित शिक्षण मॉड्यूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण संभव हुई।
भाकृअनुप ने कुल कोर्स पूर्णता, संचयी शिक्षण घंटे, प्रमाणित शिक्षार्थियों की संख्या तथा अनुशंसित लर्निंग पाथवे पूर्ण करने जैसे मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो संगठन में पेशेवर विकास और डिजिटल शिक्षण की मजबूत संस्कृति को दर्शाता है। यह उपलब्धि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शासन सुधार जैसे उभरते क्षेत्रों में आईसीएआर की सक्रिय भागीदारी को भी रेखांकित करती है।
(स्रोत: मानव संसाधन प्रबंधन प्रभाग, भाकृअनुप)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें