2 फरवरी, 2026, बेंगलुरु
भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचना विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु, ने भारत सरकार के राष्ट्रीय राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) के ज़ूनोटिक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनओएचपीपीसीजेड) के तहत एक स्वास्थ्य की तैयारी के लिए ज़ूनोटिक बीमारियों के प्रयोगशाला उपचार पर पांच दिवसीय व्यवहारिक प्रशिक्षण का उद्घाटन किया।

मुख्य अतिथि, डॉ. मृत्युंजय, पूर्व निदेशक, एनसीएपी, नई दिल्ली, ने रिसर्च, क्षमता निर्माण एवं विस्तार गतिविधियों में भाकृअनुप-निवेदी के लगातार योगदान की सराहना की।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, डॉ. बलदेव आर. गुलाटी, निदेशक, भाकृअनुप-निवेदी, ने ज़ूनोटिक बीमारियों के लिए राष्ट्रीय तैयारी को मजबूत करने में समय पर और सटीक प्रयोगशाला उपचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 2-6 फरवरी, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें, सात राज्यों-कर्नाटक, केरल, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम-के 20 प्रतिभागियों- आईडीएसपी कर्मी, प्रयोगशाला तकनीशियन, हस्पताल तथा पशु चिकित्सा संकाय, शोधकर्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर शामिल हो रहे हैं।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचना विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु)







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