15 अक्टूबर, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद ने आज विशेष अभियान 6.0 के तहत तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के याचारम मंडल स्थित अपने गोद लिए गए आदर्श गांव गद्दामल्लैया गुडा में “स्वच्छता संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों के बीच स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, पर्यावरणीय स्वच्छता और सतत अपशिष्ट प्रबंधन पद्धतियों के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना है।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छ और स्वस्थ परिवेश बनाए रखने में ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना और बेहतर स्वच्छता पद्धतियों की दिशा में व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देना था।

संवादात्मक सत्र के दौरान ग्रामीणों को घरेलू स्वच्छता, घरेलू कचरे के उचित निपटान, जैव निम्नीकरणीय और गैर-जैव निम्नीकरणीय कचरे के पृथक्करण, खुले में कचरा फेंकने की रोकथाम और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। सत्र में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि रसोई के कचरे को किस प्रकार मूल्यवान जैविक खाद में परिवर्तित किया जा सकता है।
एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को कम करने, जैव निम्नीकरणीय घरेलू कचरे के लिए कम्पोस्टिंग पद्धतियों को अपनाने, जल जमाव को रोकने और बीमारियों के प्रसार को कम करने के लिए स्वच्छ परिवेश बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है और स्वच्छ, स्वस्थ तथा पर्यावरणीय रूप से सतत गांवों के विकास के लिए समुदाय की निरंतर भागीदारी आवश्यक है।

जागरूकता कार्यक्रम के बाद अपशिष्ट प्रबंधन के समाधान के लिए सामुदायिक क्षेत्र में स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। टीम ने स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए क्षेत्र की सफाई और उचित अपशिष्ट निपटान पद्धतियों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
इस पहल ने अपने गोद लिए गए आदर्श गांव में ग्रामीण स्वच्छता, पर्यावरणीय जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रति आईसीएआर-क्रिडा की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)








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