भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली और आईएए ने ‘द मेकिंग ऑफ ए ब्रेकथ्रू’ पर व्याख्यान आयोजित किया

भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली और आईएए ने ‘द मेकिंग ऑफ ए ब्रेकथ्रू’ पर व्याख्यान आयोजित किया

14 अक्टूबर, 2026, नई दिल्ली

आईएआरआई एलुमनाई एसोसिएशन (आईएए) ने भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के सहयोग से भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली में कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड (एएसआरबी) के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार का “द मेकिंग ऑफ ए ब्रेकथ्रू” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. आर.एस. परोदा, अध्यक्ष, आईएए, ने वैज्ञानिक सफलताएं हासिल करने में निरंतर और समर्पित प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। भाकृअनुप-आईएआरआई के अग्रणी अनुसंधान योगदानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए नए वैज्ञानिक दृष्टिकोणों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

ICAR-IARI, New Delhi and IAA Organises Lecture on ‘The Making of a Breakthrough’

व्याख्यान देते हुए डॉ. संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक सफलताएं किसी एक मार्ग का अनुसरण नहीं करती हैं। उन्होंने अनुत्तरित प्रश्नों की पहचान करने, नए दृष्टिकोणों की खोज करने और प्रकृति का बारीकी से अवलोकन करने के महत्व पर प्रकाश डाला तथा प्रकृति को पहली प्रयोगशाला बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उभरती चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए गहन अवलोकन और नवोन्मेषी सोच आवश्यक हैं।

वैज्ञानिक नवाचार के उदाहरण साझा करते हुए डॉ. कुमार ने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए हिमाचल प्रदेश में ‘हींग’ की खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों, भारत में स्वीटनिंग एजेंट के रूप में मोंक फ्रूट की शुरुआत और आवश्यक तेलों के स्रोत के रूप में जंगली गेंदा के उपयोग पर चर्चा की। इन उदाहरणों ने दर्शाया कि किस प्रकार वैज्ञानिक खोज और नवोन्मेषी दृष्टिकोण व्यापक सामाजिक लाभ वाले व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित हो सकते हैं।

डॉ. च. श्रीनिवास राव, निदेशक और आईएए के मुख्य संरक्षक, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने उपस्थित अतिथियों और वक्ता का स्वागत किया तथा विशेष रूप से पहाड़ी पारिस्थितिकी में वैज्ञानिक प्रगति और सामाजिक विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदानों पर प्रकाश डालते हुए वक्ता का परिचय दिया।

ICAR-IARI, New Delhi and IAA Organises Lecture on ‘The Making of a Breakthrough’

पूर्व डॉ. अनिल के. सिंह, उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) और आईएए के सचिव, भाकृअनुप, ने स्वागत संबोधन दिया और उपस्थित लोगों को आईएए व्याख्यानों की श्रृंखला के बारे में जानकारी दी।

व्याख्यान के बाद संकाय सदस्यों और छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसने वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और महत्वपूर्ण खोजों की दिशा में प्रयासों पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान किया।

सत्र का संचालन भाकृअनुप-आईएआरआई की डीन एवं संयुक्त निदेशक (शिक्षा) डॉ. अनुपमा सिंह ने किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)

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