राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), अल्मोड़ा की 26वीं छमाही बैठक का आयोजन आज क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत में किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. लक्ष्मी कांत, अध्यक्ष, नराकास एवं निदेशक, भाकृनुप-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा की अध्यक्षता में की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ धन्वंतरि वंदना, राष्ट्रगीत तत्पश्चात् सीसीआरएएस कुलगीत के साथ हुआ।

डॉ. कान्त ने सभी सदस्य कार्यालयों में विगत वर्षों के सापेक्ष हिन्दी की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके अनुसार आज हिन्दी का प्रयोग हर क्षेत्र में काफी सरल हो गया है। निदेशक ने सभी सदस्य कार्यालयों से अपील की कि वे राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3 (3) तथा राजभाषा नियम 5 का कड़ाई से अनुपालन करें ताकि संसदीय समिति के निरीक्षण के दौरान उन्हें किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
निदेशक ने सदस्य कार्यालयों से आग्रह किया कि इस नराकास की बैठक में कार्यालयों के अध्यक्ष का भाग लेना अनिवार्य है साथ ही भविष्य में इस प्रकार की बैठकों में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित की जाय। कार्यालयों द्वारा राजभाषा प्रगति के प्रस्तुतीकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। सभी विभागों की छमाही रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित विभागों को उनकी कमियों से अवगत कराया तथा उन्हें राजभाषा नियम का सही से अनुपालन करने हेतु अनुरोध किया।

इससे पूर्व, डॉ. वी.बी. कुमावत, प्रभारी सहायक निदेशक, क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत, ने स्वागत संबोधन में सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा राजभाषा हिंदी के व्यापक उपयोग पर बल दिया।
श्रीमती रेनू सनवाल, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं सदस्य सचिव, नराकास द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 25वीं बैठक के बिन्दुओं पर की गई कार्यवाही प्रस्तुत की गयी तथा राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 के बारे में अवगत कराया गया।
बैठक के दौरान राजभाषा में किये गये उत्कृष्ट कार्य के लिए अध्यक्ष, नराकास, द्वारा भारतीय स्टेट बैंक अल्मोड़ा, गोविन्द बल्लभ पन्त राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा एवं बैंक ऑफ इण्डिया, अल्मोड़ा को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में राजभाषा शील्ड 2025-26 से सम्मानित किया गया तथा क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत को आयोजनकर्ता के रूप में प्रशस्ति पत्र प्रदान की गयी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कार्यालयों नामतः क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत, गोविन्द बल्लभ पन्त राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा, भारतीय स्टेट बैंक, अल्मोड़ा, पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, रानीखेत, पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, अल्मोड़ा, पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, कौसानी, जवाहर नवोदय विद्यालय, ताड़ीखेत, एस.एस.बी, अल्मोड़ा, एस.एस.बी, रानीखेत, भारतीय जीवन बीमा निगम, अल्मोड़ा, राष्ट्रीय सांख्किीय कार्यालय, अल्मोड़ा, पंजाब नेशनल बैंक, अल्मोड़ा, बैंक आफ इण्डिया, अल्मोड़ा, बैंक आफ बडौदा, अल्मोड़ा, माउंटेन ड्राइविंग स्कूल, अल्मोड़ा, क्षेत्रीय मुख्यालय भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, अल्मोड़ा एवं भाकृअनुप-वि.प.कृ.अनु.सं. अल्मोड़ा के प्रतिनिधियों ने अपने कार्यालयों में हो रही हिन्दी प्रगति का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया।
विभिन्न केन्द्रीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प इस बैठक में लिया। साथ ही इस बैठक में अल्मोड़ा नगर के केन्द्रीय सरकार के विभागों, कार्यालयों, उपक्रमों, सशस्त्र बलों तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
श्रीमती रेनू सनवाल, सदस्य सचिव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
(स्रोतः भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान)








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