राष्ट्रीय कृषि उन्नति मेला
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा इंस्टीट्यूट), नई दिल्ली
19-21 मार्च, 2016
राष्ट्रीय कृषि उन्नति मेला का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 19 मार्च, 2016 को किया जाएगा। इस मेले का आयोजन कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के विभागों तथा भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
मुख्य आकर्षण
- विषय वस्तु पैवेलियनः इसमें विभिन्न कृषि उत्पादों तथा किसान कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रदर्शनी की जाएगी। इसके आठ हिस्से होंगे, जिसमें विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के लिए अनुकूल किस्में, कृषि हेतु जल एक महत्वपूर्ण आदान, भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रौद्योगिकी विषय-वस्तु, कृषि सुधार, कृषि प्रौद्योगिकी, बागवानी जैसे विषय शामिल होंगे।
- सजीव प्रदर्शनीः इसके तहत चार खंडों में कृषि व बागवानी फसलें, पशुपालन, नवीन प्रौद्योगिकी और यंत्रीकरण से संबंधित प्रदर्शनी होगी।
- विभिन्न फसलें: गेहूं, सरसों, मसूर, चना आदि की विभिन्न उत्पादन स्थितियों में सर्वाधिक उपजाऊ किस्में
- सब्जी फसलें: टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी आदि फसलों का खुली स्थितियों में सूक्ष्म सिंचाई विकल्पों के द्वारा अधिक लाभ हेतु कम लागत वाले पॉलीहाउस में उत्पादन
- बागवानी व पुष्प फसलें: फल व फूलों की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन प्रदर्शन प्राकृतिक स्थिति में होगा
- पशुधन जैसेः गाय, भैंस, बकरी, कुक्कुट पालन व अन्य पशु नस्लें
- जैविक कृषि पद्धति के तहत सब्जी और फूल के फसलों के साथ बागवानी फसलें
- सूक्ष्म सिंचाई, अपशिष्ट जल उपयोग, परम्परागत तथा आधुनिक वर्षा सिंचित कृषि प्रौद्योगिकी, पॉलीहाउस, यंत्रीकरण तथा संरक्षित खेती आदि
- नवीनतम प्रौद्योगिकी तथा सरकार की पहलों से संबंधित प्रदर्शनः
मेला प्रांगण में तीन स्थानों पर निम्न विभागों द्वारा लगभग 500 स्टॉल लगाए जाएंगे।- कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा पशुपालन, डेयरी एवं मात्स्यिकी विभाग
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन, उर्वरक, पंचायती राज, जल संसाधन जैसे संबंधित विभाग
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत अनुसंधान संस्थाएं तथा कृषि विज्ञान केन्द्र, राज्य कृषि विश्वविद्यालय तथा विभिन्न राज्यों के संबंधित विभाग
- कृषि संबंधित निजी व इनपुट कंपनियां आदि
- संगोष्ठी व सम्मेलनः पांच विभिन्न हॉल में अलग-अलग विषयों पर संगोष्ठियां तथा कृषक-वैज्ञानिक परस्पर वार्ताओं का आयोजन किया जाएगा । इन कार्यक्रमों को देश के सभी जिलों में वेब-कास्टिंग के माध्यम से देखे जाने की भी व्यवस्था है।
- बीजों की नई एवं उन्नत किस्म की बिक्रीः चावल (बासमती तथा गैर-बासमती), तूर, मूंग, बीन आदि सब्जियों तथा आम एवं नीबू वर्गीय फलों व फसलों की पौध रोपण सामग्री व अग्रणी किस्मों की ‘पूसा’ गुणवत्तापूर्ण बीजों की बिक्री की जाएगी।
- किसानों की भागीदारीः पूरे देश से लगभग एक लाख किसानों का राष्ट्रीय कृषि उन्नति मेला में आने का अनुमान है।
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