20–22 मार्च, 2024, मेघालय
भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केन्द्र, वेस्ट गारो हिल्स द्वारा 20 से 22 मार्च, 2024 तक भाकृअनुप-केवीके परिसर में क्षम्ता योजना के अंतर्गत ‘पोल्ट्री फार्मिंग’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण-सह-इनपुट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) ने वर्ष 2019 में 25 प्रतिशत या उससे अधिक जनजातीय आबादी वाले 125 जिलों में ज्ञान प्रणाली एवं होमस्टेड कृषि प्रबंधन (KSHAMTA) कार्यक्रम प्रारंभ किया था, जिसका उद्देश्य पारंपरिक जनजातीय ज्ञान के आधार पर कृषि पद्धतियों का विकास करना है।

मुख्य अतिथि डॉ. सेरेनेबेल डब्ल्यू मोमिन, जिला पशुपालन एवं पशु चिकित्सा अधिकारी, वेस्ट गारो हिल्स ने अधिक अंडा एवं मांस उत्पादन के लिए उन्नत पोल्ट्री नस्लों के पालन पर जोर दिया, जिससे प्रोटीन की कमी को दूर किया जा सके। उन्होंने पशुपालकों के लिए राज्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर भी व्याख्यान दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. कार्टिना के. संगमा, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा अधिकारी, गाम्बेग्रे सी एंड आरडी ब्लॉक, उपस्थित रहीं।
क्षम्ता योजना का मुख्य उद्देश्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना तथा पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसे कृषि क्षेत्रों में वैज्ञानिक हस्तक्षेप प्रदान करना है। वर्ष 2020 में भाकृअनुप-केवीके, वेस्ट गारो हिल्स ने नेंगजाबोलचुगरे गांव को अपनाकर पोल्ट्री पालन, बत्तख पालन, सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन तथा वर्मी कम्पोस्टिंग जैसी तकनीकों को लागू किया, ताकि किसानों की पोषण सुरक्षा एवं आय सृजन सुनिश्चित हो सके।
वर्ष 2024 में भाकृअनुप-केवीके ने दोनों गांवों से 20 लाभार्थियों का चयन कर किसानों के खेतों पर उन्नत नस्ल के साथ पोल्ट्री फार्मिंग का प्रदर्शन करते हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
फील्ड विजिट कार्यक्रम के दौरान भी डॉ. कार्टिना के. संगमा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 200 कुरोइलर चूजे, चारा एवं दवाइयाँ वेस्ट गारो हिल्स के रोंगखोन स्थित पोल्ट्री फार्म में प्रतिभागियों को वितरित किए गए। इसके पश्चात अतिथि वक्ताओं द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केवीके, वेस्ट गारो हिल्स, मेघालय)







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