27 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (क्रिडा) ने तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के याचरम मंडल स्थित मल्ल ग्राम पंचायत में मेरा गांव मेरा गौरव (एमजीएमजी) कार्यक्रम के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर एक गहन जागरूकता अभियान का आयोजन किया।
कार्यक्रम के दौरान मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरीकरण के महत्व तथा मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने और फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। किसानों को यूरिया और डीएपी के अत्यधिक उपयोग के प्रति सावधान किया गया, क्योंकि इससे मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादकता और कृषि निवेश लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

भाग लेने वाले किसानों को सतत कृषि पद्धतियों के अंतर्गत उपयुक्त जैव उर्वरकों के बीज उपचार तथा मृदा में प्रयोग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को दीर्घकालिक मृदा उर्वरता बनाए रखने तथा सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) दृष्टिकोण के अंतर्गत जैविक खाद एवं हरित खाद को शामिल करने की भी सलाह दी।
अभियान में लगभग 50 किसानों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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