भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली ने गुलाब की खेती और पुष्पोत्पादन उद्यमिता को सुदृढ़ करने के लिए गुलाब उत्पादन से जुड़े हितधारक बैठक का किया आयोजन

भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली ने गुलाब की खेती और पुष्पोत्पादन उद्यमिता को सुदृढ़ करने के लिए गुलाब उत्पादन से जुड़े हितधारक बैठक का किया आयोजन

22 मई 2026, नई दिल्ली

भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली, ने आज हौज खास, नई दिल्ली में ‘गुलाब उत्पादन से जुड़े हितधारक बैठक’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में गुलाब की खेती के लिए आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोणों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा कटाई उपरांत प्रबंधन की उन्नत तकनीकें शामिल थीं। इन नवाचारों को गुलाब की खेती को अधिक उत्पादक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए प्रमुख हस्तक्षेपों के रूप में रेखांकित किया गया। हितधारकों, वैज्ञानिकों और गुलाब विशेषज्ञों की सहभागिता वाला एक रोचक संवादात्मक सत्र भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने सार्थक चर्चा, ज्ञान साझा करने तथा प्रतिभागियों के बीच मजबूत सहयोग को प्रोत्साहित किया।

ICAR-IARI, New Delhi Hosts Rose Stakeholder Meet to Strengthen Rose Cultivation and Floriculture Entrepreneurship

मुख्य अतिथि डॉ. आर.एस. परोड़ा, अध्यक्ष, ट्रस्ट फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (टीएएएस) तथा पूर्व सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने भारत में गुलाब उत्पादन के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति तथा सतत विकास को बढ़ावा देने में हितधारकों के सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने डॉ. बी.पी. पाल तथा भाकृअनुप-आईएआरआई द्वारा विकसित गुलाब की किस्मों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर भी जोर दिया तथा उन्नत ऊतक संवर्धन (टिशू कल्चर) तकनीकों के माध्यम से इन मूल्यवान आनुवंशिक संसाधनों को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया।

विशिष्ट अतिथि श्री कुलदीप सैडी, पूर्व निदेशक (उद्यानिकी), सीपीडब्ल्यूडी तथा अध्यक्ष, द रोज सोसाइटी ऑफ इंडिया ने गुलाब के महत्व और डॉ. बी.पी. पाल द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने आगे कहा कि लैंडस्केपिंग और पुष्पोत्पादन को अब केवल पारंपरिक शौक के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि ये शहरी, उपनगरीय तथा ग्रामीण भारत के लिए सतत आय और समृद्धि उत्पन्न करने की अपार संभावनाओं वाले उभरते हुए व्यावसायिक उद्यम बन चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने गुलाब की खेती से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों के समाधान हेतु रणनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। उन्होंने पुष्पोत्पादन के माध्यम से फसल विविधीकरण, जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास, उद्यमियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, गुलाब तथा अन्य पुष्पों की वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाने, आवश्यक तेलों के माध्यम से मूल्य संवर्धन, ढीले गुलाब पुष्पों के प्रभावी कटाई उपरांत प्रबंधन तथा बाजार संपर्कों को सुदृढ़ करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

ICAR-IARI, New Delhi Hosts Rose Stakeholder Meet to Strengthen Rose Cultivation and Floriculture Entrepreneurship

इस कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली-एनसीआर से आए हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राष्ट्रपति भवन के प्रतिनिधियों, आईटीसी मौर्य, नई दिल्ली के अधिकारियों, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, एनडीएमसी, सीपीडब्ल्यूडी, द रोज सोसाइटी ऑफ इंडिया के सदस्यों, उद्यानिकी अधिकारियों, पुष्प उद्योग के प्रतिनिधियों तथा प्रगतिशील किसानों ने भी बैठक में भाग लिया और गुलाब की खेती तथा पुष्पोत्पादन के भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।

गुलाब हितधारक बैठक ने संवाद, सहयोग और साझेदारी निर्माण के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया तथा गुलाब उद्योग के लिए टिकाऊ, विस्तार योग्य और किसान-केंद्रित समाधान उपलब्ध कराने हेतु हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करने की भाकृअनुप-आईएआरआई की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशकों, विभिन्न प्रभागों के अध्यक्षों, भाकृअनुप-आईएआरआई के वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों, किसानों तथा अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)

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