20 मई, 2026, नई दिल्ली
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) ने भारत में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित परामर्श सेवाओं तथा किसानों की क्षमता निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से एग्रोस्टार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने की। समझौते पर भाकृअनुप की ओर से डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि विस्तार) ने हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. रंजन के. सिंह, सहायक महानिदेशक (कृषि विस्तार) तथा डॉ. आर. आर. बर्मन, सहायक महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप द्वारा किया गया।

एग्रोस्टार की ओर से डॉ. देवराज आर्य, उपाध्यक्ष (अनुसंधान एवं विकास तथा नियामक मामले) और उनके सहयोगियों ने भी समारोह में भाग लिया।
इस समझौते के माध्यम से स्थापित सहयोग कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के अग्रिम पंक्ति विस्तार तंत्र को डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से सशक्त बनाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, फसल जोखिमों में कमी तथा किसानों को बेहतर सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थाएँ वैज्ञानिक निदान, क्षमता निर्माण तथा किसान परामर्श कार्यक्रमों को अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।

भाकृअनुप के अनुसंधान एवं ज्ञान संसाधनों तथा एग्रोस्टार की डिजिटल पहुँच एवं किसान सहभागिता तंत्र को एक साथ लाकर यह समझौता किसानों की आय एवं लाभप्रदता बढ़ाने तथा देश के कृषि विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विस्तार योग्य और टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराने के भाकृअनुप के प्रयासों को और मजबूत करेगा।
(स्रोत: कृषि विस्तार प्रभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद)







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