15 फरवरी, 2026, मेरठ
भाकृअनुप–केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, मोदीपुरम, मेरठ ने आज राष्ट्रीय आलू दिवस के मौके पर एक दिन का राष्ट्रीय आलू मेला – 2026 आयोजित किया, जिसमें किसानों, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और दूसरे हितधारकों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि, श्री राजकुमार सांगवान, सांसद, बागपत, उत्तर प्रदेश, ने नेचुरल एवं जैविक खेती के महत्व पर ज़ोर दिया, जबकि भाकृअनुप विशेषज्ञों ने बेहतर, पोषक तत्वों से भरपूर, गर्मी सहने वाली और बीमारी सहने वाली आलू की किस्मों के साथ-साथ वायरस-फ्री बीज बनाने की तकनीक के बारे में जानकारी शेयर की। टेक्निकल बातचीत से किसान सीधे वैज्ञानिकों से जुड़ सके और फील्ड-लेवल की चुनौतियों का समाधान पा सके।

खास मेहमानों में डॉ. संजय कुमार सिंह, उप-महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप, नई दिल्ली; डॉ. सुधाकर पांडे, सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप, नई दिल्ली; तथा डॉ. सुनील कुमार, निदेशक, भाकृअनुप–भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, शामिल थे।
डॉ. ब्रजेश सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-सीपीआरआई, शिमला, ने आलू रिसर्च एवं विकास में संस्थान की बड़ी उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप के बारे में बताया।
प्रोग्राम के दौरान 20 स्टॉल वाली एक तकनकी प्रदर्शनी शुरू की गई, जिसमें आलू की बेहतर किस्में, उत्पादन तकनीकी , आलू के उत्पाद, जैविक आदान, कृषि-औद्योगिक नवाचार एवं खेती में ड्रोन के इस्तेमाल को दिखाया गया। इस मौके पर संस्थान के दो प्रकाशन का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड तथा कर्नाटक से लगभग 350 प्रतिभागियों शामिल हुए। मेले का मकसद किसानों और हितधारकों के बीच आलू उत्पादन, फसल सुरक्षा, कटाई के बाद के प्रबंधन और मॉडर्न खेती की तकनीक पर अपडेटेड वैज्ञानिक जानकारी फैलाना था। प्रोग्राम के दौरान प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, मोदीपुरम, मेरठ)







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