30 मार्च, 2024, श्रीनिकेतन, बीरभूम
बीरभूम जिले के कृषक समुदाय तक प्राकृतिक खेती को जमीनी स्तर पर पहुँचाने के उद्देश्य से “कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से प्राकृतिक खेती का विस्तार” शीर्षक प्रमुख परियोजना के अंतर्गत आज रथींद्र-केवीके, बीरभूम में हाइब्रिड मोड में प्राकृतिक खेती पर जागरूकता-सह-क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, कोलकाता, ने कहा कि बीरभूम, पुरुलिया तथा बांकुड़ा जिलों में प्राकृतिक खेती के विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती को स्थायी रूप से अपनाने के लिए मृदा स्वास्थ्य, विशेषकर सूक्ष्मजीव गतिविधियों से संबंधित एक सुदृढ़ डाटाबेस तैयार करने का सुझाव दिया।
डॉ. सुभ्रत मंडल, प्रमुख, भाकृअनुप-केवीके, बीरभूम, ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों और महिला कृषकों के हित में प्राकृतिक खेती को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा तथा इससे संबंधित डाटाबेस भी तैयार करेगा।
कार्यक्रम में कुल 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)







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