लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) वैक्सीन तकनीक का व्यवसायीकरण मेसर्स ब्रिलियंट बायो फार्मा प्रा. लि., हैदराबाद को किया गया हस्तांतरित

लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) वैक्सीन तकनीक का व्यवसायीकरण मेसर्स ब्रिलियंट बायो फार्मा प्रा. लि., हैदराबाद को किया गया हस्तांतरित

16 अप्रैल, 2026, नई दिल्ली

भाकृअनुप-राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र ने भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के सहयोग से लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) के नियंत्रण हेतु एक स्वदेशी, समजातीय (होमोलॉगस) जीवित-क्षीणीकृत वैक्सीन सफलतापूर्वक विकसित की है। यह वैक्सीन देशभर में मवेशियों को इस रोग से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम माना जा रहा है।

इस वैक्सीन को सभी आयु वर्ग के पशुओं के लिए सुरक्षित पाया गया है तथा यह मजबूत कोशिका-जनित प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है। आज इस तकनीक का हस्तांतरण ब्रिलियंट बायो फार्मा प्राइवेट लिमिटेड को किया गया। तकनीकी लाइसेंस समझौते पर नई दिल्ली में डॉ. एम.एल. जाट की गरिमामयी उपस्थिति में औपचारिक हस्ताक्षर किया गया।

Lumpy Skin Disease (LSD) Vaccine Technology commercialized to M /s Brilliant Bio Pharma Pvt. Ltd., Hyderabad

इस मौके पर डॉ. राघवेंद्र भट्टा, उप-महानिदेशक, (पशु विज्ञान) एवं निदेशक, भाकृअनुप-आईवीआरआई; डॉ. टी. के. भट्टाचार्य, निदेशक, भाकृअनुप-एनआरसीर, हिसार; डॉ. प्रवीण मलिक, सीईओ, एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड; साथ ही श्री बिश्वनाथ मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मेसर्स ब्रिलियंट बायो फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना की और दूसरे जाने-माने अधिकारी मौजूद थे।

इस हस्तांतरण के साथ ब्रिलियंट बायो फार्मा प्राइवेट लिमिटेड लम्पी स्किन डिजीज वैक्सीन तकनीक प्राप्त करने वाली छठी कंपनी बन गई है। समझौते के अनुसार ₹75.00 लाख + जीएसटी का तकनीकी लाइसेंस शुल्क तथा बिक्री पर 5% रॉयल्टी निर्धारित की गई है। इससे वैक्सीन के बड़े पैमाने पर उत्पादन और व्यापक प्रसार का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे पशुधन क्षेत्र में रोग नियंत्रण को मजबूती मिलेगी।

(स्रोत: पशु विज्ञान प्रभाग, भाकृअनुप)

×