भाकृअनुप–पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्र अनुसंधान परिसर, उमियाम में अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री के साथ संवाद बैठक का आयोजन

भाकृअनुप–पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्र अनुसंधान परिसर, उमियाम में अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री के साथ संवाद बैठक का आयोजन

20–21 मई, 2026, अरुणाचल प्रदेश

20–21 मई, 2026 को भाकृअनुप–पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्र (एनईएच) अनुसंधान परिसर, उमियाम, में अरुणाचल प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री श्री गैब्रियल डेनवांग वांगसू, कृषि विभाग के सचिव श्री सैमुअल चांगकिजा, आईएफएस, तथा कृषि विभाग की सचिव स्मति कोज रिन्या, आईएफएस के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले किसानों तक वैज्ञानिक कृषि जानकारी पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषाओं में संचार से किसानों तक जानकारी की पहुँच और उनकी समझ में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कृषि क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब ध्यान “प्रयोगशाला से खेत और खेत से बाजार” की अवधारणा पर केन्द्रित होना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने के लिए ग्राम स्तर पर कृषि-आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

Interaction Meet with Agriculture Minister of Arunachal Pradesh Held at ICAR Research Complex for NEH Region, Umiam

कृषि मंत्री ने संस्थान के अनुसंधान फार्म का भी दौरा किया और वहाँ चल रही शोध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सतत कृषि के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर भी चर्चा की।

श्री सैमुअल चांगकिजा ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी ज्ञान को सरल और सहज भाषा में किसानों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे उसकी स्वीकार्यता बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जहाँ प्रगतिशील किसान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं कृषि समुदाय के अपेक्षाकृत पिछड़े किसानों को उपयुक्त तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से आगे लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

स्मति कोज रिन्या ने अरुणाचल प्रदेश में संतरा एवं कीवी उत्पादन में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त की तथा इस समस्या के समाधान हेतु वैज्ञानिक हस्तक्षेपों और उपयुक्त तकनीकी उपायों की मांग की।

डॉ. ए.के. मोहंती, निदेशक, अटारी ज़ोन–VII, उमियाम, ने सुझाव दिया कि किसानों में तकनीक अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ाने और आजीविका सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रासंगिक कृषि प्रौद्योगिकियों को राज्य सरकारों की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए।

Interaction Meet with Agriculture Minister of Arunachal Pradesh Held at ICAR Research Complex for NEH Region, Umiam

डॉ. जी. कादिरवेल, निदेशक, भाकृअनुप–आरसी एनईएच, उमियाम ने पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र के सभी सात राज्यों में संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि मंत्री को आश्वस्त किया कि संस्थान बदलती जलवायु परिस्थितियों तथा अन्य कृषि चुनौतियों का समाधान परियोजना-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से करेगा और किसानों को व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराएगा।

बैठक के दौरान अरुणाचल प्रदेश से संबंधित कृषि चुनौतियों एवं समस्याओं पर चर्चा की गई, जिनका समाधान संस्थान के संबंधित वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्र अनुसंधान परिसर, उमियाम, मेघालय)

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