भाकृअनुप-नार्म द्वारा उदयपुर में पारंपरिक दुग्ध उत्पादों पर उद्यमिता विकास प्रशिक्षण का आयोजन

भाकृअनुप-नार्म द्वारा उदयपुर में पारंपरिक दुग्ध उत्पादों पर उद्यमिता विकास प्रशिक्षण का आयोजन

25 मार्च, 2026, उदयपुर

भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (नार्म), हैदराबाद, ने 23 से 25 मार्च, 2026 तक पारंपरिक दुग्ध उत्पादों पर तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह कार्यक्रम जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर के अंतर्गत स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, डबोक, में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत मेजबान संस्थान के सहयोग से किया गया।

ICAR-NAARM Conducts Entrepreneurship Development Training on Traditional Dairy Products in Udaipur

समापन सत्र में डॉ. गोपाल लाल, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिला पशुपालक किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में डेयरी क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया तथा देशभर में अनुसंधान, क्षमता निर्माण और किसान-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने हेतु भाकृअनुप-नार्म द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को ऐसे कार्यक्रमों का लाभ उठाकर सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. गजेंद्र कुमार माथुर, डीन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, डबोक, ने अध्यक्षीय संबोधन में प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को व्यवहारिक रूप में अपनाने तथा डेयरी आधारित उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने आयोजन टीम की सराहना करते हुए इसे सार्थक और प्रभावशाली कार्यक्रम बताया।

ICAR-NAARM Conducts Entrepreneurship Development Training on Traditional Dairy Products in Udaipur

समापन सत्र के दौरान प्रतिभागियों को स्थायी आजीविका स्थापित करने में सहयोग हेतु डीप पैन, खाना पकाने के बर्तन, कलछी, मापने वाले कप, थर्मामीटर तथा डेयरी किट जैसी आवश्यक सामग्रियाँ वितरित की गईं। साथ ही प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम में उदयपुर जिले की 40 अनुसूचित जाति महिला पशुपालक किसानों ने सक्रिय भागीदारी की और प्रशिक्षण से लाभान्वित हुईं।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)

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