13 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद के अंतर्गत 13 मई, 2026 को आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन अभियान चलाया गया। सहभागी कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के माध्यम से 9 अभियान कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्होंने वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासों को प्रदर्शित किया। जागरूकता अभियानों के माध्यम से कुल 392 किसानों तक प्रत्यक्ष रूप से पहुँच बनाई गई, जबकि 6 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 234 किसानों को लाभान्वित किया गया। इन कार्यक्रमों में संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों पर विशेष बल दिया गया।

अभियान के दौरान 57 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद भी आयोजित किए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों द्वारा 9 विशेषज्ञ व्याख्यान दिए गए। डिजिटल माध्यम इस अभियान की प्रमुख विशेषता के रूप में उभरा, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा कुल 1,28,830 किसानों तक पहुँच बनाई गई। इसके अतिरिक्त प्रत्यक्ष संपर्क एवं किसान संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से 868 किसानों को भी जोड़ा गया। विस्तार गतिविधियों के अंतर्गत हरी खाद एवं अन्य पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों पर प्रदर्शन, पोस्टर प्रदर्शन तथा जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे जिलों में किसानों के बीच वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग संबंधी जानकारी के प्रसार को और अधिक सुदृढ़ किया गया।
इसी क्रम में 13 मई, 2026 को भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी के सभी 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) में भी उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन अभियान संचालित किया गया। इस अभियान ने विस्तार सेवाओं, किसान क्षमता निर्माण तथा डिजिटल प्रसार के प्रभावी समन्वय को प्रदर्शित किया। अभियान के अंतर्गत कुल 36 जागरूकता कार्यक्रम तथा 2 किसान गोष्ठी/फील्ड डे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 1,343 किसानों तक प्रत्यक्ष पहुँच बनाई गई। साथ ही 15 प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा 693 किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा सतत मृदा स्वास्थ्य पद्धतियों पर प्रशिक्षित किया गया।

अभियान में 57 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ हितधारक संवाद तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों द्वारा विशेषज्ञ परामर्श गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। डिजिटल पहुँच इस अभियान की एक बड़ी उपलब्धि रही, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा कुल 2,90,383 किसानों तक पहुँच बनाई गई। इसके अतिरिक्त प्रत्यक्ष संपर्क एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों की गतिविधियों के माध्यम से 2,367 किसानों को भी लाभान्वित किया गया। विस्तार हस्तक्षेपों के अंतर्गत हरी खाद, जैव उर्वरकों तथा अन्य पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों पर 39 प्रदर्शन आयोजित किए गए। साथ ही पोस्टर प्रदर्शन एवं दीवार लेखन अभियानों के माध्यम से पूरे जोन में संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता एवं अपनाने की प्रवृत्ति को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद)







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