24 जुलाई, 2026, नदिया, पश्चिम बंगाल
भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान–कृषि विज्ञान केन्द्र, नदिया (अतिरिक्त) ने एटीएमए तथा राज्य के लाइन विभागों के सहयोग से नदिया जिले के नकाशीपाड़ा ब्लॉक के ताइबिचारा गांव में राष्ट्रीय अभियान ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत सतत कृषि पद्धतियों पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
श्री देबोजीत बोस, अपर जिला मजिस्ट्रेट, नदिया ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों में वैज्ञानिक एवं सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि फसल उत्पादकता में सुधार, मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, पोषक तत्वों के उपयोग दक्षता में वृद्धि तथा कृषि आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके।
सभा को संबोधित करते हुए केवीके नदिया (अतिरिक्त) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने धान, जूट, उड़द तथा सब्जियों सहित प्रमुख खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती की पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में दलहनी फसलों के साथ फसल चक्र अपनाने, हरी खाद, जैविक खाद एवं धान की खेती में एजोला के उपयोग, तरल उर्वरकों के प्रयोग तथा मृदा स्वास्थ्य एवं फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन के विभाजित प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम में उन्नत उच्च उपज देने वाली किस्मों को अपनाकर सतत धान उत्पादन को भी बढ़ावा दिया गया। किसानों को वैज्ञानिक फसल स्थापना तकनीकों, जल संरक्षण, समेकित खरपतवार प्रबंधन तथा धान आधारित फसल प्रणाली के माध्यम से फसल विविधीकरण के संबंध में सलाह दी गई।
किसान–वैज्ञानिक संवाद सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने फसल उत्पादन से जुड़ी क्षेत्रीय स्तर की चुनौतियों को साझा किया। विशेषज्ञों ने कृषि आदानों के सर्वोत्तम उपयोग, प्रभावी कीट एवं रोग प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा सतत कृषि पद्धतियों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सहायता कार्यक्रमों के प्रभावी उपयोग के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस कार्यक्रम में श्री जयदीप मुखोपाध्याय, उप-कृषि निदेशक (प्रशासन), नदिया; डॉ. रतन मुखर्जी, परियोजना निदेशक, एटीएमए, नदिया; श्री अजमीर मंडल, सहायक कृषि निदेशक, नकाशीपाड़ा ब्लॉक, नदिया सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में कुल 120 किसान एवं महिला किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का समापन अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) कार्यक्रम के अंतर्गत धान बीज (एमटीयू 1156), एजोला तथा चारा कलमों सहित कृषि आदानों के वितरण के साथ हुआ।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केन्द्र, नदिया-II, पूर्वी क्षेत्रीय स्टेशन, कल्याणी, पश्चिम बंगाल)







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