15 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन X, हैदराबाद, द्वारा समन्वित “संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर गहन जागरूकता अभियान” के अंतर्गत 15.05.2026 को आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में छह सहभागी कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के माध्यम से विभिन्न विस्तार एवं जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा टिकाऊ मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना था।
अभियान के दौरान 6 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 263 किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया, जबकि 5 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 245 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों द्वारा व्हाट्सएप आधारित प्रचार माध्यमों के जरिए 2,174 तकनीकी संदेश एवं परामर्श प्रसारित किए गए। अभियान के अंतर्गत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से 1,13,887 किसानों तक डिजिटल पहुँच बनाई गई, जबकि 605 किसानों तक प्रत्यक्ष संपर्क एवं संवाद के माध्यम से पहुँचा गया। इसके अतिरिक्त 96 किसानों ने तकनीकी परामर्श एवं वैज्ञानिकों से संवाद हेतु कृषि विज्ञान केंद्रों का भ्रमण किया। समग्र रूप से यह अभियान आईसीएआर–अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत सहभागी जिलों में संतुलित उर्वरक उपयोग एवं वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ।

भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन X, हैदराबाद द्वारा समन्वित “संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर गहन जागरूकता अभियान” के अंतर्गत 15.05.2026 को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु तथा पुडुचेरी में 72 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) की सहभागिता से व्यापक जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय विस्तार हस्तक्षेपों के माध्यम से संतुलित उर्वरक उपयोग, वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था।
चारों राज्यों में कुल 29 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1,214 किसान लाभान्वित हुए, जबकि 14 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 573 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 61 प्रतिभागियों की सहभागिता से संवाद बैठकें एवं हितधारक अंतःक्रिया कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों तथा कृषि विस्तार से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों द्वारा व्हाट्सएप आधारित प्रचार माध्यमों से 25,227 तकनीकी संदेश एवं परामर्श प्रसारित किए गए।

अभियान के अंतर्गत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से 1,93,214 किसानों तक डिजिटल पहुँच बनाई गई, जबकि 2,169 किसानों तक प्रत्यक्ष संपर्क एवं संवाद के माध्यम से पहुँचा गया। इस प्रकार आईसीएआर–अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत भौतिक एवं डिजिटल माध्यमों से कुल 1,95,383 किसान संपर्क स्थापित किए गए। समग्र रूप से इस अभियान ने संतुलित उर्वरक उपयोग, वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति किसानों में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)







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