27 अप्रैल, 2026, हैदराबाद
यह अभियान आंध्र प्रदेश के आठ उच्च डीएपी उपभोग वाले जिलों में संचालित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विज्ञान-आधारित पोषक तत्व एवं कृषि आदान प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के प्रति जागरूकता फैलाना था। जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत इन आठ जिलों में आज आयोजित गहन अभियान के माध्यम से विभिन्न प्रसार गतिविधियों द्वारा बड़ी संख्या में किसानों को सफलतापूर्वक जोड़ा गया।

कुल 9 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीक) द्वारा 9 जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिनमें 455 किसानों तक पहुंच बनाई गई। इसके साथ ही 5 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनसे 305 किसान लाभान्वित हुआ। इन प्रत्यक्ष गतिविधियों के अलावा, विभिन्न संपर्क माध्यमों के जरिए 846 किसानों तक पहुंच बनाई गई तथा 86 किसानों ने केवीके का भ्रमण किया।

अभियान में डिजिटल माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग किया गया, जिससे इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला। डिजिटल संचार रणनीतियों के तहत कुल 4,01,134 सोशल मीडिया संपर्क स्थापित किया गया। साथ ही इसमें व्हाट्सएप, फेसबुक तथा एक्स (X) जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक स्तर पर जानकारी का प्रसार किया गया। यह प्रयास जमीनी स्तर पर किए गए प्रदर्शनों के साथ पूरक साबित हुए, जिनमें 5 हरी खाद (ग्रीन मैन्योरिंग) तथा 3 जैव उर्वरक संबंधी सत्र शामिल थे। इस बहुआयामी दृष्टिकोण ने भौतिक तथा डिजिटल दोनों माध्यमों को प्रभावी ढंग से जोड़ते हुए किसानों के साथ मजबूत संपर्क स्थापित किया तथा निर्दिष्ट जिलों में कृषि सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)







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