6 फरवरी, 2026, नई दिल्ली
हाल ही में भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के कृषि अभियांत्रिकी प्रभाग में बनाई गई रोबोटिक्स और कृत्रिम मेधा (AI) प्रयोगशाला का उद्घाटन आज डॉ. एम. एल. जाट, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप), द्वरा किया गया। यह उद्घाटन, डॉ. डी. के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप, तथा डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई, की शानदार मौजूदगी में हुआ।

इस दौरान, डॉ. जाट ने रोबोटिक्स और कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में काम कर रहे वैज्ञानिक तथा विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें ऐसी उच्च कोटी की सुविधा बनाने के लिए बधाई दी। अपने संबोधन में, उन्होंने किसान-केन्द्रित तकनीकी विकास के महत्व पर ज़ोर दिया और अनुसंधान को यह पक्का करने के लिए बढ़ावा दिया कि नवोन्मेष किसानों के खेतों तक पहुँचें। उन्होंने अभियांत्रिकी विभाग द्वारा डेवलप की गई तकनीकी के बड़े पैमाने पर व्यवसायीकरण की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। यंत्रीकरण की प्रभावकारिता पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने असरदार खरपतवार नियंत्रण हेतु यंत्रीकृत मुहिम को बढ़ावा देने के लिए सीधी लाइन में बुवाई हेतु स्वचालित यंत्र बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने क्षमता निर्माण के महत्व पर भी ज़ोर दिया और किसानों और विद्यार्थियों के लिए उच्च-स्तर की तकनीकी द्वार प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक श्रृंखला आयोजित करने की सलाह दी।
डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने बताया कि नव स्थापित प्रयोगशाला कृषि रोबोटों और स्वचालित प्रणालियों के डिजाइन, त्वरित प्रोटोटाइप निर्माण तथा प्रयोगशाला स्तर पर परीक्षण के लिए उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला का मुख्य फोकस अलग-अलग खेती के कामों के लिए स्वचालित एवं उच्च कोटी के समाधान पर अनुसंधान तथा विकास करना है, साथ ही किसानों, विद्यार्थियों और व्यवसाय से जुड़े व्यक्ति के लिए क्षमता निर्माण और कौशल विकास करना है। डॉ. राव ने बदलते जलवायु और सामाजिक-आर्थिक हालात में रोबोटिक्स और कृत्रिम मेधा में वैज्ञानिक प्रगति के महत्व पर भी ज़ोर दिया, और इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसी तकनीकी प्रभावकारिता में सुधार, मेहनत कम करने और कृषि क्षेत्र की टिकाऊपन एवं अनुकूलता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में कई जाने-माने लोग शामिल हुए, जिनमें डॉ. अनुपमा सिंह, डीन और जॉइंट सहायक निदेशक (शिक्षा), डॉ. विश्वनाथन चिन्नुसामी (अनुसंधान), डॉ. आर.एन. पडारिया, सहायक निदेशक (विस्तार) शामिल थे।
रोबोटिक्स और कृत्रिम मेधा (AI) प्रयोगशाला की स्थापना भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में स्मार्ट मशीनीकरण, स्वचालन तथा डिजिटल कृषि अनुसंधान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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