भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली में किसान उत्पादक संगठनों की महिला नेताओं का प्रशिक्षण का आयोजन

भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली में किसान उत्पादक संगठनों की महिला नेताओं का प्रशिक्षण का आयोजन

8-10 मार्च, 2026, नई दिल्ली

भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आएआरआई), नई दिल्ली, के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग में 8 से 10 मार्च, 2026 तक ‘पूसा एसटीएफआऱ’ मीटर के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन’ विषय पर तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिला नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को मृदा नमूना संग्रह, पोषक तत्व प्रबंधन, फसल उत्पादन तकनीक तथा पूसा सॉयल टेस्ट फर्टिलाइजर रिकमेंडेशन (STFR) मीटर के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यह एक पोर्टेबल उपकरण है, जो त्वरित मृदा परीक्षण तथा वैज्ञानिक, फसल-विशिष्ट उर्वरक सिफारिशें प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण में कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियाँ, भंडारण एवं प्रसंस्करण नवाचार, उच्च मूल्य फसलों की ओर फसल विविधीकरण, एकीकृत कृषि प्रणाली, सब्जियों एवं फलों का प्रबंधन तथा कीट एवं रोग प्रबंधन पर भी सत्र आयोजित किए गए।

ICAR-IARI, New Delhi Organises Training of Women Leaders of Farmer Producer Organizations

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने किसान उत्पादक संगठनों में महिलाओं की बढ़ती नेतृत्व भूमिका की सराहना की। उन्होंने महिला निदेशक मंडल (BODs) को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और वैज्ञानिक मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को अपनाकर आत्मविश्वास के साथ अपने एफपीओ के नेतृत्व करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित कृषि से उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

डॉ. राव ने महिलाओं के नेतृत्व वाले किसान संगठनों को क्षमता निर्माण, तकनीकी पहुँच और बेहतर बाजार संपर्क के माध्यम से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। यह संवाद महिलाओं को सशक्त बनाने और समावेशी कृषि विकास को बढ़ावा देने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ICAR-IARI, New Delhi Organises Training of Women Leaders of Farmer Producer Organizations

भाकृअनुप-आईएआरआई में एक विशेष नेतृत्व संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें कॉर्टेवा के वैश्विक नेताओं ने एफपीओ की महिला प्रतिनिधियों के साथ सहभागिता की। इस सत्र में महिला निदेशक मंडल सदस्यों ने किसान संस्थाओं को मजबूत बनाने, सुशासन सुधारने तथा सदस्य किसानों के लिए सेवाओं का विस्तार करने के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम को डॉ. आर.एन. पडारिया, संयुक्त निदेशक (प्रसार) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संबोधित किया।

इस कार्यक्रम में 6 राज्यों – राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र से 32 किसान उत्पादक संगठनों के 68 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें महिला निदेशक मंडल सदस्य तथा मृदा परीक्षण मशीन संचालक शामिल थे, जो कॉर्टेवा एग्रीसाइंस की “कृषि में 20 लाख महिलाएं” पहल का हिस्सा हैं।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)

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