भाकृअनुप-आईआईएमआर ने उद्यान उत्सव 2026 में मार्केट लिंकेज तथा टेक्नोलॉजी आउटरीच के जरिए बाजरा एफपीओ को बनाया सशक्त

भाकृअनुप-आईआईएमआर ने उद्यान उत्सव 2026 में मार्केट लिंकेज तथा टेक्नोलॉजी आउटरीच के जरिए बाजरा एफपीओ को बनाया सशक्त

5 जनवरी, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने 3 से 11 जनवरी, 2026 तक राष्ट्रपति निलयम, बोलारम, सिकंदराबाद में आयोजित उद्यान उत्सव – कृषि एवं बागवानी महोत्सव 2026 में तकनीकी के प्रसार, उद्यम विकास तथा श्री अन्न-उन्मुख हस्तक्षेपों के माध्यम से श्री अन्न को सक्रिय रूप से बढ़ावा देकर एक मज़बूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इस पहल के हिस्से के रूप में, भाकृअनुप-आईआईएमआर द्वारा समर्थित एक किसान उत्पादक संगठन (बालानगर एफपीओ) ने एफपीओ  की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा श्री अन्न के पोषण, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व के बारे में व्यापक जन जागरूकता पैदा करने हेतु समर्पित स्टॉल भी लगाया।

श्री अन्न के स्टॉल श्री अन्न के गतिशील जागरूकता मंच के रूप में काम कर रहे थे, जो श्री अन्न-आधारित मूल्य वर्धित उत्पादों, जैसे कि पकाने के लिए तैयार, खाने के लिए तैयार और पारंपरिक खाद्य पदार्थ की एक विस्तृत श्रृंखला पेश कर रहे थे। मज़बूत सार्वजनिक प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप ठोस आर्थिक लाभ हुआ, जिसमें भाग लेने वाले एफपीओ ने कार्यक्रम के दौरान लगातार दैनिक राजस्व अर्जित किया। इस सीधे उपभोक्ता से जुड़ाव ने न केवल बिक्री में सुधार किया, बल्कि उत्पाद की स्थिति, मूल्य निर्धारण, ब्रांडिंग और शहरी बाजारों के साथ जुड़ाव में एफपीओ सदस्यों का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

स्टॉलों ने विविध और उत्साही दर्शकों को आकर्षित किया, जिसमें कार्यक्रम की अवधि के दौरान लगभग 10,000 आगंतुक महोत्सव में शामिल हुआ। आगंतुकों में स्कूली बच्चे, युवा, किसान, वैज्ञानिक, उद्यमी, स्टार्ट-अप, विभिन्न विभागों के अधिकारी और सेना तथा नौसेना के कर्मी शामिल थे, जो कृषि, पोषण एवं स्थायी खाद्य प्रणालियों में व्यापक क्रॉस-सेक्शनल रुचि को दर्शाता है। इतने बड़े दर्शकों के साथ बातचीत ने विभिन्न आयु समूहों और पेशेवर पृष्ठभूमि के लोगों के बीच श्री अन्न के बारे में जागरूकता बढ़ाई, साथ ही एफपीओ को उपभोक्ता अपेक्षाओं तथा बाज़ार की गतिशीलता को समझने में भी मदद मिली।

उपभोक्ताओं, संस्थागत खरीदारों, खुदरा विक्रेताओं, नीति निर्माताओं, स्टार्ट-अप और कृषि-उद्यमियों के साथ सार्थक बातचीत ने एफपीओ को पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकों, मूल्य निर्धारण और उत्पाद विविधीकरण से संबंधित विकसित प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी हासिल करने में सक्षम बनाया। इन आदान-प्रदानों ने भविष्य के सहयोग, थोक ऑर्डर और स्थानीय बाज़ारों से परे विस्तारित श्री अन्न संबंधों के लिए रास्ते खोले।

ICAR–IIMR Empowers Millet FPOs through Market Linkages and Technology Outreach at Udyan Utsav 2026

भाकृअनुप-आईआईएमआर के वैज्ञानिकों ने तकनीकी सत्रों और ऑन-साइट बातचीत के माध्यम से किसानों एवं आगंतुकों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की, जिसमें प्रमुख तथा छोटे श्री अन्न के लिए बेहतर उत्पादन प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन के अवसरों पर ध्यान केन्द्रित किया गया। इन नॉलेज-शेयरिंग प्रयासों से वैज्ञानिक खेती के तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ी, बेहतर टेक्नोलॉजी अपनाने को बढ़ावा मिला, तथा श्री अन्न वैल्यू चेन में सफल एंटरप्राइज के ऑप्शन दिखाया गया।

उद्यान उत्सव 2026 ने एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के रूप में काम किया, जिससे उत्पादन, प्रसंस्करण, उद्यमिता एवं खपत को प्रभावी ढंग से जोड़कर श्री अन्न मूल्य श्रंखला को मजबूत किया। एफपीओ, किसानों, वैज्ञानिकों तथा आम लोगों की सामूहिक भागीदारी से मार्केट तक पहुंच बढ़ी, नॉलेज का व्यापक प्रसार हुआ, साथ ही श्री अन्न-आधारित एंटरप्राइज की पहुंच में सुधार हुआ, जिससे टिकाऊ कृषि, पोषण सुरक्षा और समावेशी ग्रामीण विकास में श्री अन्न के महत्व को ज्यादा मजबूत किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)

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