6 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन से उभरे प्रमुख कार्य बिंदुओं पर विचार करने के लिए गठित नौ समितियों की प्रगति की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, आईसीएआर डॉ. एम. एल. जाट ने की। 28 कार्य बिंदु विकसित भारत के लिए मानव पूंजी को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं, जिनमें उच्च शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है।
डॉ. जाट ने विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में मानव पूंजी और उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए साक्ष्य-आधारित, मापनीय और क्रियान्वयन योग्य सिफारिशों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावी क्रियान्वयन को सुगम बनाने के लिए सिफारिशों को प्रासंगिक आंकड़ों और सर्वोत्तम प्रथाओं द्वारा समर्थित किया जाना चाहिए।

बैठक की शुरुआत उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), आईसीएआर डॉ. यशपाल सिंह मलिक की प्रारंभिक टिप्पणियों के साथ हुई। समितियों के सदस्य सचिवों ने संबंधित कार्य बिंदुओं पर हुई प्रगति, प्रमुख उपलब्धियों, चिह्नित कमियों और प्रस्तावित सिफारिशों को प्रस्तुत किया।
सहायक महानिदेशक (एचआरएम), आईसीएआर डॉ. एस. के. शर्मा ने अध्यक्ष और सदस्यों का स्वागत किया तथा चिह्नित कार्य बिंदुओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला।
बैठक में समितियों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की गई और मानव पूंजी को सुदृढ़ करने तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन में योगदान देने की दिशा में केंद्रित, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया।







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