महानिदेशक (भाकृअनुप) ने लोबिया (राजमा) जर्मप्लाज्म क्षेत्र दिवस का किया दौरा

14 अक्टूबर, 2021

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने आज कृषि अनुसंधान केंद्र, बदनापुर, महाराष्ट्र में भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली द्वारा सह-आयोजित लोबिया जर्मप्लाज्म क्षेत्र दिवस का दौरा किया।

DG (ICAR) visits Cowpea Germplasm Field Day  DG (ICAR) visits Cowpea Germplasm Field Day

डॉ. महापात्र ने परिग्रहणों के मूल समुच्चय जैसे, जल्दी परिपक्व होना, छोटे कद, एंथोसायनिन-समृद्ध, लंबी व मोटी -फली, इरेक्ट-सिंक्रोनस परिपक्वता प्रकार, आदि का ध्यानपूर्वक अवलोकन किया और लक्षणों में पाई जाने वाली परिवर्तनशीलता की सराहना की।

इस मौके पर महानिदेशक के साथ डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भाकृअनुप; डॉ. आर. के. सिंह, सहायक महानिदेशक, (सीसी), भाकृअनुप; डॉ. ए. एस. धवन, कुलपति, वसंतराव नायक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, परभणी और डॉ. डी. पी. वास्कर, अनुसंधान निदेशक, वीएनएमकेवी, परभणी, महाराष्ट्र भी मौजूद थे।

डॉ. अशोक कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीपीजीआर, नई दिल्ली ने अपने संबोधन में अनाज, सब्जी और चारे के स्रोत के रूप में जर्मप्लाज्म के महत्त्व को रेखांकित किया।

विश्वविद्यालय केंद्रों - बदनापुर, परभणी, लातूर, औरंगाबाद, राहुरू एवं अकोला - के 50 से अधिक ब्रीडर; भाकृअनुप-आईआईपीआर, धारवाड़ केंद्र और निजी बीज कंपनियों ने इस क्षेत्र दिवस में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली)