भाकृअनुप-सीएमएफआरआई ने अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस मनाया

17 सितम्बर, 2022

भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा कोच्चि में अपने मुख्यालय और विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों और क्षेत्रीय स्टेशनों में आज अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस मनाया गया।

यह कार्यक्रम, जिसमें सफाई अभियान तथा जागरूकता पहल शामिल था, लोगों को कचरा मुक्त समुद्रों के उद्देश्य से समुद्र तटों और तटीय जल से कचरा से छुटकारा पाने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित था। दुनिया के महासागरों और जलमार्गों के संरक्षण और इसके बारे में भी जनता में जागरूकता पैदा की गई।

ICAR-CMFRI observes International Coastal Cleanup Day  ICAR-CMFRI observes International Coastal Cleanup Day

भाकृअनुप-सीएमएफआरआई, कोच्चि के समुद्री जैव विविधता और पर्यावरण प्रबंधन प्रभाग ने कोच्चि के तटीय जल में एक पोत-आधारित सफाई अभियान का आयोजन किया, जिसमें संस्थान वेसल एफवी सिल्वर पोम्पानो को तैनात किया गया। उस दिन फोर्ट कोच्चि में समुद्र तट के सफाई अभियान का भी आयोजन किया गया था। इस अङियान में, प्रभाग के वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों और विद्वानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर, विशाखापत्तनम क्षेत्रीय केंद्र ने स्वच्छता अभियान 'फिशिंग फॉर लिटर एट सी' का आयोजन किया। "फिशिंग फॉर लिटर एट सी" एक सफाई गतिविधि है, जिसका उद्देश्य समुद्र तल से समुद्री कूड़े को हटाना है, जो मछली पकड़ने की गतिविधियों के दौरान उनके जाल में फंस जाते हैं और सुरक्षित रूप से जमीन पर फेंक दिए जाते हैं। विशाखापत्तनम तटीय जल में संस्थान के अनुसंधान पोत आरवी कैडलमिन 1 को तैनात करके यह अभियान चलाया गया था।

इस अवसर पर, मंडपम क्षेत्रीय केंद्र ने रामनाथपुरम जिले में पाक खाड़ी तट के साथ पिराप्पनवालासाई समुद्र तट पर एक समुद्र तट सफाई गतिविधि का आयोजन किया। पिरप्पनवालासाई समुद्र तट भारत सरकार द्वारा "स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर / स्वच्छ तट सुरक्षित समुद्र" अभियान के सफाई गतिविधि के लिए सूचीबद्ध 75 समुद्र तटों में से एक है। इस कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग, मंडपम के अधिकारियों ने भी इस आयोजन में भाग लिया। समुद्र तट के एक किलोमीटर के दायरे में सफाई अभियान चलाया गया और प्लास्टिक के मलबे में मछली पकड़ने के पुराने जाल, रस्सी, प्लास्टिक की चप्पल, थर्मोकोल और 300 किलोग्राम की कांच की बोतलों को हटा दिया गया और नगरपालिका अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से इसका निपटारा किया गया।

कालीकट क्षेत्रीय स्टेशन द्वारा कोनाडु समुद्र तट पर उस दिन समुद्र तट की सफाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तटीय समुदायों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए, इलाके के 50 लोगों को 'सेव द सी, से नो टू प्लास्टिक' नामक एक पैम्फलेट वितरित किया गया। पैम्फलेट ने मुख्य रूप से समुद्री पर्यावरण के प्रति संवेदनशील आवासों, मत्स्य संसाधनों और अंततः मानव जाति पर मैक्रो और माइक्रोप्लास्टिक के हानिकारक प्रभाव के बारे में बताया गया। पैम्फलेट के द्वारा इस बात के बारे में संकेत दिया गया कि यदि मनुष्यों द्वारा प्लास्टिक कूड़ेदान की प्रथा जारी रही, तो 2050 ई. तक समुद्र में मछलियों से अधिक प्लास्टिक होगा।

मुंबई, कारवार तथा चेन्नई में मैंगलोर क्षेत्रीय केंद्र और अनुसंधान स्टेशनों द्वारा भी अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस मनाया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि)