भाकृअनुप-नार्म में कृषि अनुसंधानकर्ताओं के लिए जैव विविधता और पर्यावरण कानूनों (BELAR' 21) पर एमडीपी का हुआ समापन

9 जून, 2021, हैदराबाद

भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद द्वारा 7 से 9 जून, 2021 तक आयोजित ‘कृषि अनुसंधानकर्ताओं के लिए जैव विविधता और पर्यावरण कानूनों (BELAR' 21) पर प्रबंध विकास कार्यक्रम (एमडीपी) आज संपन्न हुआ।

एमडीपी का आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून, उत्तराखंड; राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए), चेन्नई; बायोटेक्नोलॉजी कंसोर्टियम इंडिया लिमिटेड (बीसीआईएल), नई दिल्ली; यूएनडीपी और जीआईजेड के सहयोग से किया गया था।

MDP on Biodiversity and Environmental Laws for Agricultural Researchers (BELAR ’21) concludes at ICAR-NAARM

मुख्य अतिथि, डॉ. वी. बी. माथुर, अध्यक्ष, एनबीए ने इस अवसर पर अपने संबोधन में जैव विविधता कानूनों को मजबूत करने में कृषि अनुसंधानकर्ताओं को भागीदार बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. भारत ज्योति, निदेशक, आईजीएनएफए, देहरादून ने भाकृअनुप और आईसीएफआरई के वैज्ञानिकों को अनुसंधान के परस्पर पूरक क्षेत्रों के मूल्यांकन के लिए परिषदों में काम करने का अवसर प्रदान करने का आग्रह किया।

डॉ. चौ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने आशा व्यक्त की कि साझेदारी बेहतर तालमेल का उपयोग करने में सहायता करेगी।

भाकृअनुप-संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य जैव विविधता बोर्ड और गैर सरकारी संगठनों के कुल 40 प्रतिभागियों ने एमडीपी में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंध अकादमी, हैदराबाद)