भाकृअनुप-नार्म में आईजीएनएफए, देहरादून के आईएफएस परिवीक्षार्थियों के लिए ‘एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन (आईडब्ल्यूएम)’ पर आभासी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

29 मई, 2021, हैदराबाद

भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंध अकादमी, हैदराबाद द्वारा 24 से 29 मई, 2021 तक आयोजित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून, उत्तराखंड के आईएफएस परिवीक्षार्थियों के लिए ‘एकीकृत जल-विभाजक (वाटरशेड) प्रबंधन’ विषय पर आभासी प्रशिक्षण कार्यक्रम आज संपन्न हुआ।

श्री भारत जोठि, आई.एफ.एस., निदेशक, आईजीएनएफए ने आई.एफ.एस. अधिकारियों की उभरती जिम्मेदारियों के आलोक में जल-विभाजक प्रबंधन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

प्रख्यात वक्ता - डॉ अशोक दलवई, सीईओ, राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (एनआरएए); डॉ. जे.एस. समारा, पूर्व उप महानिदेशक (एनआरएम), भाकृअनुप एवं पूर्व सीईओ, एनआरएए, नई दिल्ली और डॉ. सुहास पी. वानी, पूर्व निदेशक, इक्रीसैट विकास केंद्र ने भी आभासी तौर पर कार्यक्रम में भाग लिया।

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डॉ. चौ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म ने भारत में जल-विभाजक की वर्तमान स्थिति के ऊपर विचार-विमर्श करते हुए सहभागी जल-विभाजक प्रबंधन पर व्यावहारिक सुझाव दिए। डॉ. राव ने वानिकी एवं कृषि क्षेत्र के बीच संबंध और सफल जल-विभाजक विकास के लिए हितधारकों की भागीदारी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

यह कार्यक्रम भाकृअनुप-नार्म और आईजीएनएफए के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के एक भाग के रूप में आयोजित किया गया था।

2018-20 और 2019-21 बैच के रॉयल भूटान वन सेवा के अधिकारियों सहित लगभग 90 परिवीक्षार्थियों ने इस कार्यक्रम में आभासी तौर पर भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंध अकादमी, हैदराबाद)