भाकृअनुप-काजरी ने किया किसान मेला का आयोजन

16 सितंबर, 2019, जोधपुर

भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर ने आज किसान मेला और कृषि नवाचार दिवस का आयोजन किया।

ICAR-CAZRI organizes Farmers’ FairICAR-CAZRI organizes Farmers’ Fair 

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री ने मुख्य अतिथि के बतौर अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए मोती बाजरा के मूल्य वर्धित उत्पादों से किसान की आय बढ़ाने पर जोर दिया, जो इस क्षेत्र की एक प्रमुख फसल है। महाराष्ट्र के किसानों के संदर्भ का हवाला देते हुए मंत्री ने किसानों से एफपीओ (किसान निर्माता संगठन) बनाकर आत्मनिर्भर होने का आग्रह किया।

ICAR-CAZRI organizes Farmers’ Fair

उन्होंने बीज और भंडारण की सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार की पहल को रेखांकित किया और कहा कि यह किसानों को उनकी आय दोगुनी करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि अच्छे दाम और उच्च आय प्राप्त करने के लिए नियमित फसलों के अलावा किसानों को औषधीय पौधों, फलों की फसलों आदि में विविधता और वृद्धि करनी चाहिए।

श्री चौधरी ने संस्थान के अनुसंधान फार्म का भी दौरा किया और खेल परिसर में इंडोर स्टेडियम के लिए नींव रखा।

डॉ. बी. आर. चौधरी, कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर सम्मानित अतिथि  के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों से कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए भाकृअनुप-काजरी द्वारा विकसित नई तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।

श्री सुरेश चंद, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड ने किसानों के लाभ से संबंधित नाबार्ड की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

प्रो. आर. एस. राठौड़, पूर्व अध्यक्ष, जयपुर विकास प्राधिकरण ने शुष्क क्षेत्र के विकास में संस्थान के योगदान की सराहना की। 

डॉ. शिव प्रसाद किमोठी, अतिरिक्त महानिदेशक (तकनीकी समन्वय) ने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों और भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान के माध्यम से अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित नवीनतम तकनीकों से लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ. ओ. पी. यादव, निदेशक, भाकृअनुप-काजरी ने इससे पहले संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थान के फार्म में विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी दी जिसमें मूंग की नई किस्में, मोठ, क्लस्टर बीन, तिल और बाजरा शामिल हैं। उन्होंने कृषक समुदाय के लाभ और चारा उत्पादन के लिए जल संचयन और उसके पुनर्चक्रण के बारे में भी जानकारी दी।

पद्म श्री, श्री जगदीश प्रसाद पारीक, सीकर के एक किसान को इस क्षेत्र में कृषि में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

संस्थान द्वारा विकसित कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने और प्रसार में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने के लिए लगभग 8 किसानों को भाकृअनुप-काजरी किसान मित्र के रूप में सम्मानित किया गया।

इस मौके पर भाकृअनुप-काजरी के किसान मित्र की सफलता की कहानियों का एक सीडी भी जारी किया गया।

आयोजन में महिला किसानों सहित कुल 2,200 किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर)