भाकृअनुप-काजरी और ग्वार गम उद्योग ने किया बैठक का आयोजन

15 अप्रैल, 2019, जोधपुर

ICAR-CAZRI and Guar Gum Industry Meeting held

भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान ने आज ग्वार गोंद उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की।

डॉ. ओ. पी. यादव, निदेशक , भाकृअनुप-काजरी ने शुष्क क्षेत्रों में ग्वार की फसल के मूल्य और अनुसंधान अंतराल की पहचान करने के लिए उद्योग- अकादमिक संवाद के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपने अनूठे गुणों के कारण ग्वार गम के विविध अनुप्रयोग होते हैं, जैसे तेल और शेल गैस उद्योगों में तरल पदार्थ को गाढ़ा करने के रूप में और खाद्य, कपड़ा, सौंदर्य प्रसाधन और फार्मास्युटिकल उद्योगों में थिकनेस, बाइंडर, स्टेबलाइजर और इमल्सीफायर के रूप में।

श्री पी. के. हिसारिया, अध्यक्ष, भारतीय ग्वार गम मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने ग्वार चुरी और धूल के मूल्यवर्धन की क्षमता पर प्रकाश डाला।

डॉ. सी. बी. पांडे, प्रमुख, प्राकृतिक संसाधन विभाग ने सफल चर्चा के लिए मेहमानों का आभार व्यक्त किया।

बैठक का उद्देश्य उद्योग के आपसी अनुभवों और अपेक्षाओं को साझा करना था।

भाकृअनुप-काजरी के वैज्ञानिकों ने ग्वार गम के वर्तमान निर्यात परिदृश्य, खेती, आनुवंशिक सुधार, गम की गुणवत्ता और मूल्य-वृद्धि पर प्रस्तुतियाँ दीं।

बैठक के दौरान यह प्रस्तावित किया गया था कि गम सामग्री और गुणवत्ता के लिए उद्योग पायलट संयंत्रों में परीक्षण हेतु संस्थान द्वारा ग्वार की खेती के बीज के नमूने उपलब्ध कराए जाएंगे।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर)