भाकृअनुप-आईआईवीआर ने मनाया 29वाँ स्थापना दिवस

29 सितंबर, 2019, वाराणसी

भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी ने आज अपना 29वाँ स्थापना दिवस मनाया।

ICAR-IIVR celebrates 29th Foundation Day  ICAR-IIVR celebrates 29th Foundation Day

मुख्य अतिथि प्रोफेसर अरविंद कुमार, कुलपति, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी ने खाद्य उत्पादन में देश की आत्म निर्भरता सुनिश्चित करने में क्षेत्र के मूल्य वर्धित सब्जियों के उत्पादन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में बागवानी फसलों के अधिक उत्पादन से पोषण सुरक्षा हासिल करने की लड़ाई में मदद मिलेगी।

सम्मानित अतिथि डॉ. मंगला राय, पूर्व महानिदेशक (भाकृअनुप) और सचिव (डेयर) ने जलवायु परिवर्तन के वर्तमान युग में मृदा स्वास्थ्य और जल प्रबंधन प्रथाओं को बनाए रखकर सब्जी किसानों के लिए स्थायी कृषि पर जोर दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों से सब्जी प्रसंस्करण, मूल्य-संवर्धन और भंडारण से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए प्रौद्योगिकियों को विकसित करने का आग्रह किया।

डॉ. गौतम कल्लू, पूर्व उप महानिदेशक (बागवानी), भाकृअनुप और संस्थापक निदेशक, भाकृअनुप-आईआईवीआर ने नामित क्षेत्र में संस्थान के पहलों की सराहना की।

डॉ. अरविंद कुमार, निदेशक, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, वाराणसी ने सराहनीय शोध के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों की सराहना की।

डॉ. रमेश चंद, निदेशक, कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू ने किसानों से जैविक खेती से जुड़ी भ्रांतियों से सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने मूल्यवर्धित सब्जियों को उगाने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ. जगदीश सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईवीआर ने इससे पहले किसानों को वैज्ञानिक अनुसंधान और ‘मेरा गाँव मेरा गौरव’, ‘अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति परियोजना’ और ‘फार्मर फर्स्ट’ इत्यादि जैसे विभिन्न विस्तार कार्यक्रमों से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी।

डॉ. सिंह ने संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न सब्जियों के फसलों की 100 से अधिक किस्मों और संकरों के बारे में बताया।

संस्थान से जुड़े विकासशील किसानों में श्री ओम प्रकाश दुबे और श्री रामेश्वर ने सब्जी उत्पादन पर अपनी सफलता की कहानियों को विस्तार से बताया।

इस श्रृंखला में 3 अभिनव किसानों - आनंद कुमार पटेल, मन्नू यादव और शीतला देवी को भी प्रशंसा पत्र के साथ सम्मानित किया गया।

आयोजन में लगभग 400 किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी)