बैकयार्ड कुक्कुट पालन को स्तरीय बनाने पर हुआ विचार-मंथन बैठक का आयोजन

8-9 अगस्त, 2019, हैदराबाद

भाकृअनुप-कुक्कुट पालन अनुसंधान निदेशालय, हैदराबाद ने 8 से 9 अगस्त, 2019 तक भारत में कुल कुक्कुट उत्पादन में अपनी हिस्सेदारी में सुधार करने के लिए ‘बैकयार्ड कुक्कुट पालन को स्तरीय बनाने’ पर विचार-मंथन बैठक का आयोजन किया।   

Brainstorming Meet on Up-scaling Backyard Poultry  Brainstorming Meet on Up-scaling Backyard Poultry

डॉ. जे. के. जेना, उप महानिदेशक (मत्स्य और पशु विज्ञान), भाकृअनुप, नई दिल्ली ने बतौर मुख्य अतिथि भाकृअनुप संस्थानों द्वारा अंतिम उपयोगकर्ताओं और किसानों के लिए विकसित प्रौद्योगिकियों के प्रसार में लाइन विभागों और कृषि विज्ञान केंद्रों के महत्त्व पर जोर दिया।

उप महानिदेशक ने कहा कि इस तरह के विचार मंथन बैठक से कुक्कुट पालन उद्योग के विभिन्न हितधारकों की अपेक्षाओं और नई चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।

डॉ. आर. एस. गांधी, अतिरिक्त महानिदेशक (पशु उत्पादन और प्रजनन), भाकृअनुप, नई दिल्ली ने बतौर सम्मानित अतिथि अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए कुक्कुट विकास के विभिन्न आँकड़ों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बैकयार्ड कुक्कुट पालन के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. सी. आर. प्रसन्ना (आईएएस), निदेशक, पशु चिकित्सा सेवा निदेशालय, छत्तीसगढ़ ने छत्तीसगढ़ में कुक्कुट विकास के उद्देश्य, स्थिति और बाधाओं को बताया। उन्होंने गुणवत्ता जर्मप्लाज्म, वैकल्पिक चारा उपादान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के माध्यम से कुशल कार्य बल विकसित करने के महत्त्व के बारे में जानकारी दी।

डॉ. आर. एन. चटर्जी, निदेशक, भाकृअनुप-डीपीआर, हैदराबाद ने बैठक के मुख्य उद्देश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कुक्कुट प्रजनन पर भाकृअनुप-डीपीआर और एआईसीआरपी केंद्रों द्वारा विकसित किस्मों, मसलन वनराजा, ग्रामप्रिया, श्रीनिधि, प्रतापधन, हिम्स्मृद्धि, झारसिम, आदि जैसी सफलता की कहानियों को भी रेखांकित किया।

बैठक में भाकृअनुप के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कुक्कुट पालन अनुसंधान निदेशालय, हैदराबाद)