केवीके जालना-1 ने आभासी तौर पर किया रबी किसान मेला का आयोजन

5 नवंबर, 2020, महाराष्ट्र

कृषि विज्ञान केंद्र, जालना-1, महाराष्ट्र ने आज ‘आभासी तौर पर रबी किसान मेले और कृषि विज्ञान मंडल की 279वीं मासिक संगोष्ठी’ का आयोजन किया।

Virtual Rabi Kisan Mela organized by KVK, Jalna - 1

मुख्य अतिथि डा. आर. बी. देशमुख, पूर्व कुलपति, महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, राहुरी, महाराष्ट्र ने क्षेत्र में अग्रिम प्रदर्शनों के माध्यम से दलहन उत्पादन प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाने में विशेष रूप से केवीके, जालना और भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र के अभिनव कार्यों की सराहना की। उन्होंने काबुली चना, नवीनतम किस्मों और विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों में किस्मों की उपयुक्तता आदि के दायरे और महत्त्व पर भी प्रकाश डाला।

श्री विजय बोरडे, ट्रस्टी, एमएसएसएम और परियोजना निदेशक, जालना- I, महाराष्ट्र ने महाराष्ट्र के लिए गेहूँ के रतुआ-सहिष्णु, सूखा-सहिष्णु और गर्मी-सहिष्णु किस्मों को विकसित करने में योगदान के लिए गेहूँ अनुसंधान स्टेशन, निफाड़ के प्रयासों की सराहना की।

डॉ. लाखन सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, पुणे, महाराष्ट्र ने केवीके से कृषि विज्ञान मंडल गतिविधि की निरंतरता और प्रतिबद्धता को बनाए रखने का आग्रह किया, जो किसानों की पहल के साथ विस्तार तंत्र का एक अनूठा उदाहरण है। उन्होंने केवीके द्वारा एक अभिसरण मोड में कार्यान्वित की जा रही किसानों की आय को दोगुना करने तथा कपास के साथ दालों के आदान-प्रदान आदि का भी उल्लेख किया।

डॉ. एस. वी. सोन्यून, प्रमुख, केवीके, जालना-I, महाराष्ट्र ने गुणवत्तापूर्ण बीज और रोपण सामग्री के उपयोग पर जोर देते हुए किसानों के लिए दलहनी बीज हब के तहत आधार बीज के 45 क्विंटल और काबुली चना के 100 क्विंटल प्रमाणित बीज की उपलब्धता को रेखांकित किया।

आभासी रबी किसान मेले में 200 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र)