उत्तर प्रदेश के केवीके की 26वीं वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

8-9 जुलाई, 2019, अयोध्या

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कानपुर ने 8 से 9 जुलाई, 2019 तक अयोध्या के नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्रों की 26वीं वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।

26th Annual Zonal Workshop of KVKs of Uttar Pradesh organized  26th Annual Zonal Workshop of KVKs of Uttar Pradesh organized

श्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश ने 8 जुलाई, 2019 को कार्यशाला का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2022 तक सभी कृषि वैज्ञानिकों का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है। उन्होंने किसानों के लाभ के लिए भारत सरकार की कई नई योजनाओं, मसलन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि सिंचाई योजना, दलहन और तिलहन का न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि को सुलभ बनाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने गोशाला की स्थापना के लिए कृषि क्षेत्र की खाद के रूप में गोबर के उपयोग को बढ़ाने, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी जैसे भूरे (ग्रे) क्षेत्रों के विकास और चारा उत्पादन के लिए संबंधित उन्नत प्रौद्योगिकियों के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. ए. के. सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप, नई दिल्ली ने किसानों के लाभ के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही नई योजनाओं के बारे में बताया। डॉ. सिंह ने किसानों को तेजी से प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने, दूरदराज के जिलों में कृषि कल्याण अभियान को प्रभावी ढंग से निष्पादित करने, जलवायु स्मार्ट और जल स्मार्ट लघु अवधि फसल किस्मों, शून्य लागत खेती, इनपुट डीलर प्रशिक्षण, केवीके में आईएफएस मॉडल, दलहन पर स्थापित बीज हब आदि को लोकप्रिय बनाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों से आग्रह किया। उन्होंने आईसीटी उपकरण, अर्थात एम-किसान, विस्तार कार्मिक के प्रशिक्षण और ग्रामीण युवाओं के बीच कौशल और उद्यमिता के विकास पर जोर दिया।

प्रो. जीत सिंह संधू, कुलपति, नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर केवीके के कार्यों की मान्यता के बारे में बताया। उन्होंने केवीके से अपने कार्यों को बनाए रखने के लिए आग्रह किया। प्रो. संधू ने बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने हेतु राज्यों के चयनित केवीके को वित्तीय सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री के पहल की सराहना की।

श्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री, कृषि शिक्षा और अनुसंधान, उत्तर प्रदेश सरकार ने केवीके के काम की सराहना की और वैज्ञानिकों से किसान समुदाय की समस्याओं को हल करने का आग्रह किया। श्री शाही ने कम बाहरी लागत और अधिक उत्पादन के साथ-साथ आईएफएस मॉडल, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई आदि के उपयोग पर जोर दिया।

डॉ. अतर सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, कानपुर ने वर्ष 2018-19 के दौरान केवीके की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति; महानिदेशक, यूपीसीएआर, लखनऊ; प्रमुख सचिव (कृषि), उत्तर प्रदेश सरकार; राज्य कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार; भाकृअनुप संस्थानों के निदेशक; उत्तर प्रदेश के केवीके के प्रमुखों, वैज्ञानिकों और अभिनव किसान इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में से थे।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कानपुर)