'चिंता आम' की वैरायटी पीपीवीएफआरए में पंजीकृत की गई
'चिंता आम' की वैरायटी पीपीवीएफआरए में पंजीकृत की गई

14 मई 2024, पोर्ट ब्लेयर

अंडमान और निकोबार द्वीप में पोर्ट ब्लेयर के आईसीएआर-केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान ने एक अलग प्रकार की प्रजाति के आम के उत्पादन के लिए किसान चिंताहरण बिस्वास को सम्मानित किया है। पोर्ट ब्लेयर के आईसीएआर-केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान ने शहीद द्वीप से आए 100 प्रगतिशील आम के पेड़ देकर किसान श्री चिंताहरण बिस्वास को सम्मानित किया और उनके अलग किस्म के 'चिंता आम' को कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली में पंजीकृत कराने में उनकी सहायता की।

‘Chinta Mango’ farmer’s variety registered in PPVFRA  ‘Chinta Mango’ farmer’s variety registered in PPVFRA  ‘Chinta Mango’ farmer’s variety registered in PPVFRA

'चिंता' आम पहला ऐसा आम है जिसको पीपीवीएफआरए के तहत पंजीकृत किया गया है। डीएआरई के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने हाल ही में आईसीएआर-सीआईएआरआई, पोर्ट ब्लेयर के अपने दौरे के दौरान श्री बिस्वास को यह प्रमाण पत्र प्रदान किया।

आम की यह वेरायटी मैंगिफेरा इंडिका प्रजाति की है, जो एक खेती की जाने वाली आम की प्रजाति है। इस जीनोटाइप आम की खासियत यह है कि इसके छिलके का बैंगनी रंग होता है। आईसीएआर-सीआईएआरआई ने इस जीनोटाइप के रूपात्मक और जैव रासायनिक लक्षण वर्णन के लिए प्रयास किए हैं। यह आम बड़े आकार के होते हैं, और प्रत्येक आम का वजन 300-400 ग्राम तक होता है। यह आम स्वादिष्ट होते हैं, उनका गूदा पीला होता है और यह काफी मीठे होते हैं, उनमें फाइबर की मात्रा भी कम होती है और औसत टीएसएस 19.6oबी दर्ज किया जाता है। इस जीनोटाइप की एक और अनूठी विशेषता पॉलीएम्ब्रायोनिक अंकुरों की उपस्थिति है। यह इस आम का एक अतिरिक्त लाभ है क्योंकि जीनोटाइप की शुद्धता को बीज प्रसार द्वारा बनाए रखा जा सकता है। फलों के गूदे के फाइटोकेमिकल लक्षण वर्णन ने कैरोटीनॉयड, फ्लेवोनोइड्स, एस्कॉर्बिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि में इसकी समृद्धि को दर्शाया गया है।

इस आम के पंजीकरण की प्रक्रिया पोर्ट ब्लेयर के आईसीएआर-सीआईएआरआई के निदेशक डॉ. एकनाथ बी. चाकुरकर की देखरेख में पूरी की गई।

(स्रोत: आईसीएआर-केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, पोर्ट ब्लेयर)

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