ज्वार समूह की 50वीं तथा लघु कदन्न समूह की 31वीं वार्षिक बैठक का हुआ आयोजन

28-29 मई, 2020, हैदराबाद

ज्वार समूह की 50वीं तथा लघु कदन्न समूह की 31वीं वार्षिक बैठक का हुआ आयोजन भाकृअनुप-भारतीय कदन्न (पौष्टिक अनाज) अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद में 28-29 मई, 2020 के दौरान ज्वार समूह की 50वीं तथा लघु कदन्न समूह की 31वीं वार्षिक बैठक का आयोजन आभासी रूप में (वर्चुअल मोड) में किया गया।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) ने बतौर मुख्य अतिथि कदन्नों के गिरते क्षेत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सुधार हेतु और अधिक अध्ययन तथा सर्वेक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इन फसलों की अत्यधिक आवश्यकता है और सफल गाथाओं के माध्यम से इनके संवर्धन हेतु किसानों, स्टार्टअपों व उद्यमियों को प्रेरित किया जा सकता है।

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक, (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने बतौर अध्यक्ष इस तरह की आधुनिक बैठकों को बहु-उपयोगी बताया। उन्होंने संस्थान के द्वारा बागवानी संस्थानों के साथ मिलकर मशरूम के साथ कदन्न उत्पादों के विकास हेतु बधाई दी। उन्होंने कहा कि खाद्य संस्थानों के साथ मिलकर कदन्नों के पौष्टिक पहलुओं पर अध्ययन किए जाने चाहिए तथा कदन्न उत्पादों पर भाकृअनुप एवं भाकअनुसं का नाम समुचित रूप में अंकित होना चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. वाई. पी. सिंह, सहायक महानिदेशक (खाद्य एवं चारा फसल), भाकृअनुप; डॉ. एन. सीतारामा, भूतपूर्व निदेशक, भाकअनुसं और डॉ. जे. वी. पाटिल, भूतपूर्व निदेशक, भाकअनुसं भी उपस्थित रहे।

डॉ. विलास ए. टोणपि, निदेशक, भाकअनुसं ने भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान तथा ज्वार व लघु कदन्नों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना केंद्रों में संपन्न अनुसंधान एवं विकास कार्यों तथा भावी योजनाओं पर सविस्तार प्रस्तुतीकरण दिया।

इस दौरान कृषकों एवं उद्यमियों के लिए उपयोगी प्रकाशनों एवं मोबाइल एप्पों का विमोचन किया गया। इसके अलावा श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले केंद्रों व वैज्ञानिकों को पुरस्कृत भी किया गया।

इस बैठक में गणमान्य अतिथियों के अलावा देशभर के विभिन्न सार्वजनिक व निजी संस्थानों से लगभग 200 सहभागियों ने भाग लिया।

 

(स्त्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)