केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी शोध संस्थान, श्रीनगर का दौरा

सघन बागवानी प्रयोग को बढ़ाकर अधिकाधिक किसानों से जोड़ें:  श्री तोमर

9 सितंबर 2021, नई दिल्ली/श्रीनगर (कश्मीर)

श्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आज कश्मीर प्रवास के दौरान भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी शोध संस्थान, श्रीनगर का दौरा किया।

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में संस्थान द्वारा आयोजित ‘सेब दिवस’ के मौके पर श्री तोमर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने संस्थान द्वारा शोध क्षेत्र में किए गए सघन बागवानी प्रयोग की सराहना करते हुए इसे आगे बढ़ाने व अधिकाधिक किसानों के साथ जोड़ने का आग्रह किया। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीण कृषि मौसम सेवा योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, बारामूला में स्थापित स्वचालित कृषि मौसम स्टेशन, कृषक समुदाय को अधिक सटीकता के साथ कृषि सलाहकार सेवाएँ जारी करने के लिए समर्पित किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी शोध संस्थान, श्रीनगर का दौरा   केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी शोध संस्थान, श्रीनगर का दौरा सघन बागवानी प्रयोग को बढ़ाकर अधिकाधिक किसानों से जोड़ें:  श्री तोमर

वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता और किसान-हित में चलाई जा रही अनेक योजनाओं का श्री तोमर ने जिक्र किया। उन्होंने किसानों से उत्पादकता बढ़ाने, कृषि को अधिक लाभदायक उद्यम बनाने तथा प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के लिए आग्रह किया। प्रायोगिक फार्म का दौरा करने के साथ-साथ संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों एवं रोपण सामग्री से परिचित होने के लिए उन्होंने प्रौद्योगिकी पार्क का निरीक्षण भी किया। सेब दिवस पर सेब की 126 किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका उद्घाटन श्री तोमर ने किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी शोध संस्थान, श्रीनगर का दौरा

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री; सुश्री शोभा करंदलाजे, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री तथा डॉ. फारूख खान, सलाहकार, उप-राज्यपाल, जम्मू-कश्मीर भी इस मौके पर उपस्थित रहे।

डॉ. आनंद कुमार सिंह, उप महानिदेशक (बागवानी), भा.कृ.अनु.प. ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए वैज्ञानिक सामरिकता पर विशेष ज़ोर दिया।

डॉ. ओम चंद शर्मा, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी शोध संस्थान, श्रीनगर ने बताया कि संस्थान ने अखरोट अनुसंधान में भी अग्रणी भूमिका निभाई है और कई विशिष्ट जीनोटाइप का चयन किया है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि पिछले दशक के दौरान संस्थान ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, अरूणाचल प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को साढ़े चार सौ हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 70 हजार पौधों की आपूर्ति की है।

(स्त्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली)