बैरकपुर, 27 जून, 2012
डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर और महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने जलवायु अनुकूल कृषि पर राष्ट्रीय पहल (निक्रा) परियोजना के तहत एक मोबाइल अनुसंधान प्रयोगशाला का शुभारंभ किया, जिसे केन्द्रीय अंत:स्थलीय मत्स्य अनुसंधान (सीआईएफआरआई) संस्थान, बैरकपुर में जारी एक अनुसंधान परियोजना के तहत स्थापित किया गया है।

अत्याधुनिक सुविधाओं जैसे शुद्ध जल शोधक, लंबे जीवन वाली बैटरी और यूपीएस, जनरेटर, फ्रिज, मशीन, इन्क्यूबेटर, वजन संतुलन यंत्र, बहु-पैमाने वाले जल विश्लेषक, यूवी विज़ स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, और जल व तलछट नमूनों आदि की तरह आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित यह मोबाइल प्रयोगशाला, क्षेत्र में दिनों या महीनों तक अनुसंधान व प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। यह वैज्ञानिकों को फील्ड में आवश्यक परीक्षण करने के लिए और उचित भंडारण एवं अनुसंधान के नमूनों के विश्लेषण के लिए सुविधा प्रदान करने में सक्षम करेगी। इस अनोखी सुविधा से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का आकलन करने और अंत:स्थलीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनुकूलन रणनीतियों के विकास पर अनुसंधान कार्यक्रम को और मजबूती मिलेगी।
प्रोफेसर ए. पी. शर्मा, निदेशक, सीआईएफआरआई, डॉ. समीर भट्टाचार्या, आईएनएसए प्रोफेसर, विश्व भारती, कोलकाता, प्रो. अमलेश चौधरी, डॉ. एम. के. दास, परियोजना के प्रधान अन्वेषक और सीआईएफआरआई के वैज्ञानिक इस अवसर पर उपस्थित थे।
(स्रोत: केन्द्रीय अंत:स्थलीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीआईएफआरआई), बैरकपुर)