'उन्नत भट्टी' से बड़ी इलायची की रंगत और सुवास में सुधारखाद्य प्रसंस्करण से कृषक महिलाओं का सशक्तिकरण

Empowering Farm Women through Food Processing Entrepreneurshipउज्जैन जिले में सोयाबीन आधारित फसल पद्धति प्रमुखता से अपनायी जाती है। खरीफ में लगभग 95 प्रतिशत क्षेत्र में सोयाबीन उगाने के पश्चात रबी मौसम में चना, गेहूं, आलू, लहसुन और प्याज की खेती की जाती है। पहले किसान टमाटर की खुला परागित किस्में उगाते थे और इसकी उत्पादन प्रौद्योगिकी पर ध्यान न देने के कारण केवल 150 क्विंटल प्रति हैक्टर की कम उपज ही प्राप्त होती थी। कृषि विज्ञान केन्द्र, उज्जैन ने क्षमतावान क्षेत्र की पहचान करके वर्ष 2007 में संकर टमाटर की खेती को प्रोत्साहित किया। इसमें संकर किस्में, नर्सरी प्रबंधन, समन्वित पोषण और कीट प्रबंधन, पौध उगाने के लिए ट्रे का उपयोग जैसी अनुकूल प्रौद्योगिकियों के प्रयोग और टमाटर में विकृतियों को दूर करने के लिए विशेष हस्ताक्षेप भी किया गया। अब उज्जैन जिले में 3500 हैक्टर क्षेत्र पर टमाटर की खेती की जाती है और 250 से 325 क्विंटल प्रति हैक्टर औसत उपज प्राप्त होती है।

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