मौसम आधारित कृषि परामर्श

मानसून पर नजर (भारतीय मौसमविज्ञान विभाग)

  • दक्षिणी पश्चिमी मानसून ने दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान समुद्र और अंडमान द्वीप समूह के शेष हिस्‍सों में अपनी दस्‍तक दे दी है। मानसून की उत्‍तरी सीमा (NLM) Lat. ( अक्षांश)  5.0°N/ ( देशान्‍तर)  Long.86.0°E, Lat. 8.0°N/ Long. 87.0°E, Hut Bay, Lat. 13.0°N / Long.91.0°E. तथा  Lat. 16.0°N / Long. 95.0°E से गुजरती है। अगले 48 घंटों में दक्षिणी बंगाल की खाडी के कुछ और हिस्‍सों, अंडमान द्वीप समूह तथा उत्‍तरी अंडमान समुद्र के शेष हिस्‍सों में दक्षिण पश्चिम मानसून के पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।
  • चित्र 1 में नवीनतम सेटेलाइट चित्र दर्शाया जा रहा है।  

गर्म हवा (लू ) (भारतीय मौसमविज्ञान विभाग)

  • पश्चिम राजस्‍थान के अधिकांश स्‍थानों पर गंभीर रूप से गर्म लू चलते रहने की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्‍थान में अधिकांश स्‍थानों, पश्चिमी मध्‍य प्रदेश तथा गुजरात  के कई स्‍थानों पर गर्म लू से गंभीर गर्म लू की स्थिति बने रहने और उत्‍तर पूर्व मध्‍य प्रदेश के कुछ हिस्‍सों और हरियाणा, विदर्भ तथा उत्‍तरी मध्‍य महाराष्‍ट्र के अलग अलग  स्‍थानों पर गरम तेज हवाएं (लू) चलने की संभावना है।

आंधी-तूफान (भारतीय मौसमविज्ञान विभाग)

  • हिमाचल प्रदेश, उत्‍तरी तटवर्ती आन्‍ध्र प्रदेश, रॉयलसीमा, गंगाकिनारे पश्चिम बंगाल, उत्‍तरी अन्‍दरूनी कर्नाटक, तमिलनाडु व पुडुचेरी तथा केरल के अलग अलग स्‍थानों पर कल 0830 बजे भारतीय मानक समय  से आज 0830 बजे भारतीय मानक समय तक आंधी तूफान की स्थिति देखी गई। तटवर्ती आन्‍ध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भारी से अति भारी वर्षा भी देखने को मिली। 

मुख्‍य मौसम आकलन (भारतीय मौसमविज्ञान विभाग)

  • तटवर्ती आन्‍ध्र प्रदेश तथा केरल में अधिकांश स्‍थानों पर; पश्चिम बंगाल व सिक्किम, तटवर्ती ओडिशा, असोम व मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, रॉयलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु तथा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के कई स्‍थानों पर और बिहार, अन्‍दरूनी ओडिशा, विदर्भ तथा कोंकण व गोवा में अलग-अलग स्‍थानों पर वर्षा हुई।  
  • दिनांक 20.05.2016 : पंजाब में अधिकांश स्‍थानों; उत्‍तराखंड तथा हरियाणा, चण्‍डीगढ़ और दिल्‍ली के अनेक स्‍थानों; जम्‍मू व कश्‍मीर के कुछ स्‍थानों में न्‍यूनतम तापमान सामान्‍य (5.1 अथवा अधिक) से अधिक रहा; मराठवाड़ा के अधिकांश स्‍थानों, हिमाचल प्रदेश तथा मध्‍य प्रदेश के अनेक हिस्‍सों में; गुजरात क्षेत्र के कुछ हिस्‍सों में; और विदर्भ व गोवा तथा कोंकण में अलग-अलग हिस्‍सों में सामान्‍य से अधिक (3.1°C to 5.0°C)  रहा; पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के अधिकांश हिस्‍सों में; शेष विदर्भ, सौराष्‍ट्र तथा कच्‍छ, मध्‍य महाराष्‍ट्र और दक्षिणी अन्‍दरूनी कर्नाटक,  शेष कोंकण व गोवा तथा उप हिमालयन पश्चिम बंगाल व सिक्किम के कुछ हिस्‍सों  में न्‍यूनतम तापमान सामान्‍य से अधिक (1.6°C to 3.0°C)  रहा; उल्‍लेखनीय रूप से तटवर्ती आन्‍ध्र प्रदेश, रॉयलसीमा तथा तमिलनाडु के अनेक हिस्‍सों में न्‍यूनतम तापमान में सामान्‍य तापमान की तुलना में  3.1°C से  5.0°C की गिरावट दर्ज की गई। उत्‍तरी अन्‍दरूनी कर्नाटक के अनेक स्‍थानों पर न्‍यूनतम तापमान सामान्‍य से कम (1.6°C से  3.0°C)  दर्ज हुआ। वहीं ओडिशा में कुछ हिस्‍सों में, तथा तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु के अलग अलग हिस्‍सों में तथा साथ ही देश के शेष भागों में न्‍यूनतम तापमान सामान्‍य तापमान के आसपास ही बना रहा।  
  • दिनांक 19.05.2016 : जम्‍मू व कश्‍मीर तथा राजस्‍थान के अधिकांश स्‍थानों पर; हिमाचल और गुजरात के अनेक हिस्‍सों में; तथा पंजाब और पश्चिम मध्‍य प्रदेश के कुछ स्‍थानों पर अधिकतम तापमान में सामान्‍य तापमान के मुकाबले  5.1°C अथवा उससे अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिली। हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्‍ली,  शेष पंजाब और मराठवाड़ा के अनेक हिस्‍सों में; शेष मराठवाड़ा और मध्‍य महाराष्‍ट्र के कुछ हिस्‍सों में; तथा विदर्भ के अलग-अलग हिस्‍सों में अधिकतम तापमान में सामान्‍य के मुकाबले 3.1°C से  5.0°C की वृद्धि देखने को मिली।  केरल के अलग-अलग स्‍थानों में सामान्‍य के मुकाबले 1.6°C से  3.0°C की वृद्धि हुई।  वहीं दूसरी ओर तटवर्ती आन्‍ध्र प्रदेश के अधिकांश स्‍थानों; रॉयलसीमा तथा तेलंगाना व तमिलनाडु के अनेक स्‍थानों पर अधिकतम तापमान में सामान्‍य तापमान की अपेक्षा 5.1°C अथवा कम की गिरावट देखी गई। ओडिशा के अनेक स्‍थानों तथा असोम, मेघालय और गंगा के किनारे बसे पश्चिम बंगाल के हिस्‍सों में अलग-अलग स्‍थानों पर अधिकतम तापमान में सामान्‍य तापमान के मुकाबले 3.1°C से  5.0°C की गिरावट दर्ज हुई। बिहार, सब हिमालयन पश्चिमी बंगाल तथा सिक्किम और अन्‍दरूनी कर्नाटक  के अनेक हिस्‍सों  में अधिकतम तापमान में सामान्‍य तापमान की तुलना में  1.6°C से  3.0°C की गिरावट दर्ज हुई। 
  • देश में फलोदी में  51.0°C तथा चुरू (पश्चिम राजस्‍थान) में  50.2°C का सबसे ज्‍यादा अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। 
  • बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्‍य में चक्रवाती तूफान 'ROANU' पिछले 6 घंटों के दौरान 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्‍तर पूर्वी दिशा की ओर बढ़ा और आज 20.05.2016 को भारतीय मानक समय के अनुसार 0830 बजे इसका केन्‍द्र बिन्‍दू उत्‍तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा समीपस्‍थ उत्‍तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर अक्षांश  18.0°N तथा  देशान्‍तर 84.2°E  पर बना हुआ है जो कि कलिंगापटनम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 40 किमी दक्षिण दक्षिण-पूर्व, पारादीप (ओडिशा) से 360 किमी. दक्षिण दक्षिण-पश्चिम तथा चटगांव (बांगलादेश) से 920 किमी. दक्षिण-पश्चिम में है। अगले 24 घंटों में इसके उत्‍तर-पूर्वी दिशा में तथा उत्‍तरी आंध्र प्रदेश व ओडिशा तट से दूर बढ़ने और गंभीर चक्रवाती तूफान आने की संभावना है। इसके बाद, यह तूफान पूर्व उत्‍तर-पूर्वी दिशा की ओर बढने तथा चक्रवाती तूफान के रूप में 21 मई की रात को चटगांव के नजदीक खेपुपारा तथा कॉक्‍स बाजार के बीच दक्षिण बांगलादेश को पार करने की संभावना है। 

अगले 5 दिनों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी (भारतीय मौसमविज्ञान विभाग)

  • 20 मई, 2016 (पहला दिन) : राजस्‍थान, पश्चिमी मध्‍य प्रदेश और गुजरात के कुछ स्‍थानों पर गर्म हवाओं से गंभीर गर्म हवायें चलने की अत्‍यधिक संभावना है; पूर्वी मध्‍य प्रदेश के कुछ स्‍थानों तथा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्‍ली, उत्‍तर प्रदेश, विदर्भ और मध्‍य महाराष्‍ट्र के अलग-अलग हिस्‍सों में गर्म हवाएं चलने की संभावना है। ओडिशा में अत्‍यधिक दूरदराज के कुछ स्‍थानों पर भारी से अत्‍यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है; तटवर्ती आंध्र प्रदेश के कुछ स्‍थानों और गंगा के किनारे बसे पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्‍सों में भारी  से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है। असोम व मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, तमिलनाडु व केरल में अलग अलग स्‍थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है। 
  • 21 मई, 2016 (दूसरा दिन) : पश्चिम राजस्‍थान, पश्चिमी मध्‍य प्रदेश और गुजरात  के कुछ हिस्‍सों में गर्म हवाओं से लेकर गंभीर गर्म हवाएं चलने का अनुमान है; पूर्वी राजस्‍थान तथा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्‍ली, उत्‍तर प्रदेश, पूर्वी मध्‍य प्रदेश, विदर्भ के कुछ हिस्‍सों में गरम हवा (लू) परिस्थिति बने रहने का अनुमान है। असोम व मेघालय तथा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग अलग स्‍थानों के साथ ही कुछ हिस्‍सों में भारी से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है। उत्‍तरी तटवर्ती आंध्र प्रदेश के कुछ अलग अलग हिस्‍सों में भारी से अत्‍यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है। गंगा के किनारे बसे पश्चिम बंगाल के हिस्‍सों तथा उत्‍तरी ओडिशा के अलग- अलग हिस्‍सों में भारी वर्षा का अनुमान है।
  • 22 मई, 2016 (तीसरा दिन) : राजस्‍थान, पश्चिमी मध्‍य प्रदेश और गुजरात  के कुछ हिस्‍सों में गर्म हवाएं (लू) चलने की संभावना है; पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्‍ली, पश्चिम उत्‍तर प्रदेश और विदर्भ के अलग अलग हिस्‍सों में गर्म हवाएं चलने का अनुमान है। असोम व मेघालय तथा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग अलग हिस्‍सों में भारी से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है। उप हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग अलग स्‍थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।  
  • 23 मई, 2016 (चौथा दिन) : राजस्‍थान के कुछ हिस्‍सों, तथा पश्चिम मध्‍य प्रदेश और गुजरात के अलग अलग हिस्‍सों में गर्म हवाएं चलने की संभावना है। केरल के अलग अलग हिस्‍सों में भारी से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है; उप हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा तथा लक्षद्वीप के अलग अलग स्‍थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।
  • 24 मई, 2016 (पांचवां दिन) : राजस्‍थान के अलग-अलग हिस्‍सों में गर्म हवाएं चलने का अनुमान है। केरल के कुछ हिस्‍सों तथा तटवर्ती कर्नाटक के अलग-अलग हिस्‍सों में भारी से अत्‍यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है। उप हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम तथा लक्षद्वीप के अलग-अलग हिस्‍सों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। उत्‍तर प्रदेश, बिहार तथा झारखंड के अलग-अलग स्‍थानों पर तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है।
  • सात दिनों यथा 20 से 27 मई, 2016 की अवधि के लिए मौसम आउटलुक द्वारा (ttp://monsoondata.org/wx2/ से संकलित वास्‍तवि‍क समय मौसम पूर्वानुमान द्वारा प्रदत्‍त) उप हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम , पश्चिमी हिमालयन क्षेत्र, जम्‍मू प्रभाग, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तटवर्ती कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और उत्‍तर-पूर्वी राज्‍यों में वर्षा/आंधी-तूफान के साथ पानी की हल्‍की फुहारों का पूर्वानुमान लगाया गया है (चित्र 2) ।

कृषि गतिविधियां (एआईसीआरपीएएम – क्रीडा)
हिमाचल प्रदेश
मौसम परिस्थिति :
            हिमाचल प्रदेश राज्‍य में पिछले कुछ दिनों से शुष्‍क मौसम बना हुआ है। अधिकतम तापमान 31.0 से 34.0°C के बीच है जो कि सामान्‍य तापमान से 1.7 to 4.7°C अधिक है और न्‍यूनतम तापमान 17.0 to 22.0°C बना हुआ है जो कि सामान्‍य तापमान से 0.2 - 3.5°C ज्‍यादा है। .
आकस्मिकता उपाय :

  • रबी फसलें : अनाज का भंडारण : भंडारण से पहले, अनाज को अच्‍छी तरह से साफ कर लें और उसे नमी मात्रा के सुझाये गये स्‍तर तक सुखा लें। गोदामों में से पिछली फसल के सभी अनाजों और भंडारण सामग्री को हटाकर ठीक तरह से सफाई की जाए। दीवारों में चटकन और गड्ढों को अच्‍छी तरह से साफ किया जाए और उन्‍हें भर दिया जाए तथा सफेदी करा ली जाए। जो इस प्रकार का खर्च वहन कर सकते हैं, उनके द्वारा 0.5 प्रतिशत मेलाथियॉन घोल का छिड़काव करके 7-8 दिनों तक गोदाम को बंद रखा जाए। जूट के बोरों को धूप में अच्‍छी तरह सुखा लिया जाए ताकि उनमें से कीटों के अंडे और प्‍यूपा के साथ-साथ रोग संभावना समाप्‍त हो जाए।
  • चारा फसलें : सिंचित क्षेत्रों में लोबिया और सोयाबीन के साथ-साथ चारा मक्‍का को बोने की सलाह दी जाती है। 2-3 पत्तियों वाली लैण्‍टाना झाड़ियों के चरागाह/चरागाह भूमि में ग्‍लाइफोसेट 1 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें। चरागाह भूमि में एगेरेटम, इरीगेरोन, बिडेन्‍स तथा पार्थेनियम के लिए एक कनाल क्षेत्र में 30 लीटर जल में 2-4-डी @60 मिली. का छिड़काव करें। मंद गति से चलने वाली हवा वाले मौसम में सुबह व शाम को छिड़काव करें। जहां फसल कटाई के लिए तैयार है, वहां फसल भूमि के निकट छिड़काव करने से बचें। मध्‍य ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बरसीम से एक कटाई ली जा सकती है।
  • सब्‍जी फसलें : शाम के समय सब्‍जी फसलों में हल्‍की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है।
  • प्‍याज : किसानों को कंदों की खुदाई करने से एक सप्‍ताह पहले परिपक्‍व प्‍याज व लहसुन फसलों में हल्‍की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है। टमाटर, मिर्च, शिमलामिर्च और बैंगन : टमाटर, बैंगन, मिर्च तथा शिमलामिर्च की रोपाई करने की सलाह दी जाती है। यदि ये फसलें 20-25 दिन की रोपित आयु की हैं तब अंतर – संवर्धन परिचालन के साथ यूरिया की खुराक का इस्‍तेमाल किया जाए। बैंगन तथा टमाटर फसलों के प्ररोह तथा फल छिद्रक के लिए संक्रमित फलों और प्ररोह को एकत्रित करके मिट्टी के अंदर दबा दें। यदि कीट संख्‍या ज्‍यादा है तब आकाश साफ होने ही स्थिति में स्‍पाइनोसैड 48 ईसी  @1 मिली./4 लीटर जल का छिड़काव करें।   
  • खीरावर्गीय : खीरावर्गीय फसलों में, यदि लाल कद्दू भृंग का प्रकोप पाया जाता है तब एक लीटर पानी में डाइक्‍लोरवास 76 ईसी (DDVP) @ 1 मिली. मिलाकर अथवा एक लीटर पानी में मेलाथियॉन 50 ईसी 1 मिली. मिलाकर छिड़काव करें। सब्‍जी फसलों में कटवार्म की गंभीर समस्‍या होने पर प्रति हैक्‍टर में 25 किग्रा. रेत के साथ पानी को मिलाकर 2 लीटर की दर पर क्‍लोरपॉयरीफॉस 20 ईसी का उपयोग करें।
  • बागवानी फसलें : आम के फलोद्यानों में, आम हॉपर की निगरानी प्रारंभ कर दें और यदि आम विरूपण पाया जाता है तब संक्रमित  पुष्‍पक्रम अथवा बौर को नष्‍ट कर दें। आम मिलीबग को ऊपर की ओर बढ़ने से  रोकने के लिए आम के पौधों पर एल्‍काथिन अथवा स्‍टीकी ग्रीस बैंड 15 – 20 सेंमी. चौड़ा प्रयोग करें। रोकथाम के लिए प्रति लीटर पानी में बुप्रोफेजिन 25 प्रतिशत एससी 1-2 मिली. अथवा डेल्‍टामेथ्रिन 2.8 प्रतिशत ईसी 0.03 से 05 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें। अनार में, पौधे की पुष्‍पन अवस्‍था अनार बटर फ्लाई इस मौसम में एक प्रमुख समस्‍या है। इसकी रोकथाम के लिए, 15 दिनों के अंतराल पर एक लीटर पानी में साइपरमेथ्रिन 10 ईसी @ 1 मिली. का छिड़काव करें। लीची में, फल छिद्रक प्रकट हो रहे हैं, इनकी रोकथाम के लिए 15 दिनों के अंतराल पर एक लीटर पानी में साइपरमेथ्रिन 10 ईसी @ 1 मिली. का छिड़काव करें।
  • मधुमक्‍खी पालन : मधुमक्खियों पर दीमक के आक्रमण की रोकथाम करने के लिए कॉलोनी में बंद ब्रूड पर न कि लार्वा पर सल्‍फर डाल दें। साथ ही जैसे ही जनसंख्‍या बढ़नी प्रारंभ हो, रानी द्वारा अण्‍डे देने के लिए खाली फ्रेम/कॉम्‍ब शामिल कर दें। 
  • पुष्‍पविज्ञान : वर्तमान मौसम में गुलाब की कटाई-छंटाई और तब सिंचाई की जाए। कार्नेशन में पिन्चिंग और स्‍टॉकिंग का कार्य पूरा किया जाए। गर्मियों की फसल के लिए खेतों में गेंदा की पौद का रोपण करने की सलाह दी जाती है। गेंदा की फसल में थ्रिप्‍स की रोकथाम के लिए, एक लीटर पानी में 1 मिली. रोगर अथवा मेलाथियॉन मिलाकर छिड़काव करें। अंतर-संवर्धन परिचालन और निराई गुडाई करने की सलाह दी जाती है।

(स्रोत : ई मेल : pc-agrometatcrida [dot] in क्रीडा, हैदराबाद)

दिनांक 20-05-2016 05:35 PM को अद्यतन किया गया।