भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में नाबार्ड के प्रबंधकों की बैठक

24 नवम्बर, वाराणसी

भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी द्वारा नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधकों/जिला विकास अधिकारियों हेतु चतुर्थ संरचनात्मक बैठक का आयोजन किया गया।

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बैठक में संस्थान के निदेशक डा. बिजेन्द्र सिंह द्वारा मुख्य महाप्रबन्धक (नाबार्ड) श्री ए.के. पाण्डा का स्वागत किया गया तथा निदेशक महोदय द्वारा संस्थान की किस्मों जैसे लौकी (काशी गंगा), नेनुआ (काशी दिव्या), कोम्हड़ा (काशी हरित), लोबिया (काशी कंचन) तथा भिण्डी (काशी क्रांति) आदि के बारे में जानकारी दी गई। निदेशक महोदय द्वारा संस्थान की किस्म लोबिया (काशी कंचन) के महत्व के बारे में भी बताया कि काशी कंचन से लगभग पूरे देश के किसान लाभान्वित होते हैं।

सब्जी फसल की कम अवधि को ध्यान में रखते हुए नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री ए.के. पाण्डा जी ने सब्जी फसल में प्रसंस्करण पर बल दिया। जिससे किसान अपनी फसल को लम्बे समय तक संरक्षित कर सकें और उचित समय पर उसको विक्रय करके उचित लाभ ले सकें।

इस बैठक में नाबार्ड की महाप्रबंधक श्रीमती तुलिका पंकज, श्री एम. मुखर्जी एवं प्रदेश के सभी जिलों के जिला विकास प्रबन्धकों ने भी भाग लिया।