पशु विज्ञान संभाग


Animal Science Division, ICAR
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भा.कृ.अनु.प. का पशु विज्ञान संभाग 18 अनुसंधान संस्थानों और इनसे संबद्ध क्षेत्रीय केन्द्रों के अनुसंधान कार्यकलापों देने का समन्वयन और निगरानी का कार्य करता है। उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), के नेतृत्व में तीन सहायक महानिदेशक, क्रमशः पशु उत्पादन और प्रजनन पशु स्वास्थ्य और पशु पोषण एवं कार्यिक संबंधित विभागों का दायित्व संभालते हैं। इसके अतिरिक्त चार प्रधान वैज्ञानिक भी इस संभाग में कार्यरत हैं। इस संभाग के तहत 2 राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान हैं जो कि डीम्ड यूनीवर्सिटी भी हैं; यही नहीं 5 केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान एक राष्ट्रीय ब्यूरो, 4 प्रायोजना निदेशालय और 6 राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र भी इस संभाग के अधीन हैं। इस संभाग द्वारा 7 अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान प्रायोजनओं, प्रसार कार्यक्रमों और 8 नेटवर्क अनुसंधान कार्यक्रमों का भी समन्वयन किया जाता है। इसके अलावा 4 आऊटरीच प्रोग्राम और 3 मेगा सीड प्रोजेक्ट (मुर्गी, भेड़, सूअर) देश के विभिन्न भागों में भा.कृ.अनु.प. संस्थानों, राज्य कृषि/पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा चलाये जा रहे हैं।

रिजल्ट फ्रेमवर्क डाक्यूमेंट (आरएफडी समन्वयन इकाई, डेअर/भा.कृ.अनु.प.) का समन्वयन भी इस संभाग द्वारा किया जाता है। इस इकाई में एक प्रधान वैज्ञानिक, आरएफडी समन्वयक और एक वैज्ञानिक। भा.कृ.अनु.प. मुख्यालय के सब्जैक्ट मैटर डिविजन (संसाधन केन्द्र) और संसाधन उप केन्द्रों (संस्थानों) के बीच आरएफडी के समयानुकूल तैयार करने, प्रत्येक वर्ष का सिटिजन चार्टर तैयार करने, नीतिगत योजना (2011-16), संसाधन केन्द्रों की मासिक, अर्द्ध वार्षिक और वार्षिक उपलब्धियों की रिपोर्ट तैयार करके केन्द्रीय सचिवालय, भारत सरकार के परफोर्मेन्स मैनेजमेंट डिविजन को यह संभाग भेजता है।

 

Animal Science Organogram

विज़न

भारत को खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करने के लिए पशुधन और मुर्गीपालन में उत्पादन बढ़ाना, लाभ, प्रतिस्पर्धा और टिकाऊपन को बनाये रखने के लिए प्रौद्योगिकी विकास।

मिशन

पशुधन और मुर्गीपालन के क्षेत्र में कार्यरत और उभरते क्षेत्रों में आवश्यकता आधारित अनुसंधान की सुविधा प्रदान करते हुए उत्पादन में वृद्धि, क्षमता और वास्तविक उत्पादन के फर्क को कम करना और देश को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना।

प्राथमिकता वाले क्षेत्र

  • देसी पशुधन संसाधनों के मॉलीकेयूलर सिग्नेचर्स
  • प्रजनन दक्षता एवं भ्रूणीय हानि में सुधार
  • रोग प्रबन्धन क्षमता के लिए चिह्नक सहायक चयन द्वारा आनुवंशिक प्रतिरोधिता बढ़ाना
  • भैंस और बकरी जीनोमिक्स
  • पशु स्वास्थ्य और उत्पादन के लिए स्टेम कोशिका अनुसंधान
  • निम्न गुणवत्ता के अपशिष्ट का इन विवो और इन विट्रो तरीके से उपयोग में सुधार
  • पशुओं के सूक्ष्मपोषण स्तर आकलन के लिए बायोकैमिकल मार्कर
  • न्यूट्रीजीनेामिक्स,  न्यूट्रास्यूटीकल, फंक्शलन फूड
  • पोषण उपयोगिता बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक्स/प्रीबायोटिक्स
  • पशुधन से निकलने वाली ग्रीन हाऊस गैस का प्रबंध करना
  • शैल्टर प्रबंधन द्वारा जलवायु परिवर्तन की अनुकूल रणनीति
  • बायोटैक और नैनोटैक टूल्स द्वारा विभिन्न रोगों के लिए नैदानिक और बचाव तकनीकों का विकास करना
  • डीएनए वैक्सीन तैयार करना
  • विदेशी रोगों की निगरानी और उत्तरजीवितिता प्राणिरूजा (जूनोटिक) रोग
  • नई पीढ़ी की और देसी दवाइयां बनाने के लिए फार्माकोजीनीमिक्स
  • फार्मास्यूटिकल/न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादन के लिए पराजीनी मुर्गियां और सूअर
  • अजैविक दबाव और आणविक चिह्नक के विकास के लिए एलील माइनिंग
  • पर्यावरणीय और औद्योगिक प्रदूषक; माइकोटॉक्सिन और ड्रग अवशेष का अपशिष्ट विश्लेषण।
  • पशुधन और मुर्गी उत्पाद का मूल्य संवर्धन, शेल्फ लाइफ बढ़ाना और गुणवत्ता सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का विकास और सुधार

क्षमता

मानवशक्ति

वैज्ञानिकों की कुल कैडर क्षमता: 1019

मौजूदा वैज्ञानिकों की संख्या: 778

मूलभूत सुविधाएं

फार्म और पशु

देश भर में फैले पशु संस्थानों में गोपशु, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर, ऊंट, अश्व, याक, मिथुन, खरगोश और मुर्गियों के लिए अनुसंधान फार्म

प्रयोगशालाएं

पशु आनुवांशिकी और प्रजनन के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में मूलभूत और नीतिगत अनुसंधान के लिए संस्थानों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गयीं।

विशेष सुविधाएं

जैव सुरक्षा और जैव संदूषण प्रयोगशालाएं, न्यूक्लीयर तकनीक प्रयोगशालाएं, वीर्य मूल्यांकन और गुणवत्ता नियंत्रण, अवशेष विश्लेषण, आहार विश्लेषण, भ्रूण हस्तांतरण प्रयोगशालाएं, आणविक जैविकी, रूमन्थी जैवप्रौद्योगिकी, दुग्ध और दुग्ध उत्पाद प्रसंस्करण इकाई, मांस और मांस प्रसंस्करण इकाई, ऊन प्रसंस्करण इकाई, मॉडल डेरी प्लांट, वैक्सीन उत्पादन इकाई, जर्म प्लाज्म और डीएनए बैंक।

मानव संसाधन विकास

पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान और डेरी विज्ञान के विभिन्न विषयों में स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट डिग्री और नेशनल डिप्लोमा दो डीम्ड यूनीवर्सिटी द्वारा प्रदान किये जाते हैं।

(विस्तृत जानकारी के लिए   www.ndri.res.in और www.ivri.nic.in देखें)

अनुसंधानकर्ताओं, प्रसार कर्मियों, अध्यापकों, छात्रों और किसानों की आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

(विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट के माध्यम से पशु संस्थानों से संपर्क करें)

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग

जैव प्रौद्योगिकी और मालीक्यूलर बायोलोजी जैसे अद्यतन क्षेत्रों में श्रेष्ठ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से साझा कार्यक्रम चलाये जाते हैं।

संपर्क


डा. जयकृष्ण जेना, उप महानिदेशक (पशु विज्ञान)
पशु विज्ञान संभाग, कृषि भवन, नई दिल्ली 110 001.
फोनः (कार्यालय) 91-11-23381119, 91-11-23388991 एक्स. 200; फैक्सः 91-11-23097001
ई-मेलः ddgas [dot] icaratnic [dot] in